रोहित शेट्टी: कैसे बने बॉलीवुड के 'एक्शन किंग'?
रोहित शेट्टी का सफर
मुंबई, 13 मार्च। रोहित शेट्टी, जिन्होंने 'गोलमाल', 'सिंघम', और 'चेन्नई एक्सप्रेस' जैसी हिट फिल्में दी हैं, आज के समय में बॉलीवुड के एक्शन किंग माने जाते हैं। उनकी फिल्मों में एक्शन से भरपूर दृश्य और तेज़ रफ्तार गाड़ियाँ दर्शकों को रोमांचित करती हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उनके पिता एम.बी. शेट्टी ने उन्हें इस दिशा में प्रेरित किया।
रोहित के पिता के स्टंटमैन के रूप में अनुभव ने उनके मन में एक्शन के प्रति गहरी रुचि जगाई। जब रोहित ने अपने पिता को खून-खराबे और चोटों के साथ घर लौटते देखा, तो उन्होंने ठान लिया कि वे ऐसी फिल्में बनाएंगे जो दर्शकों को रोमांचित करें। आज उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर करोड़ों की कमाई करती हैं और एक्शन का नया मानक स्थापित करती हैं।
रोहित के पिता एम.बी. शेट्टी 1970-80 के दशक के प्रसिद्ध स्टंटमैन और एक्शन कोरियोग्राफर थे, जबकि उनकी मां रत्ना शेट्टी एक जूनियर आर्टिस्ट और स्टंट वुमन थीं। रोहित की जिंदगी में एक बड़ा मोड़ तब आया जब उनके पिता का निधन 1982 में हुआ, जिसके बाद परिवार पर आर्थिक संकट आ गया। उनकी मां ने अकेले संघर्ष किया और रोहित को फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने के लिए प्रेरित किया।
रोहित ने 17 साल की उम्र में 1991 में 'फूल और कांटे' से अपने करियर की शुरुआत की। इस फिल्म में अजय देवगन ने भी डेब्यू किया, जिससे उनकी दोस्ती की शुरुआत हुई। रोहित ने कई छोटे-मोटे काम किए, जैसे कि तब्बू की साड़ियाँ प्रेस करना और काजोल के स्पॉट बॉय बनना।
2003 में, रोहित ने अपनी पहली फिल्म 'जमीन' का निर्देशन किया, लेकिन यह सफल नहीं हो पाई। इसके बाद उन्हें काम मिलना मुश्किल हो गया। फिर 2006 में 'गोलमाल' आई, जिसने कॉमेडी में धूम मचा दी। इसके बाद 'सिंघम', 'चेन्नई एक्सप्रेस', 'सिंघम रिटर्न्स', 'सिम्बा', और 'सूर्यवंशी' जैसी फिल्मों ने उन्हें एक्शन का बादशाह बना दिया।
रोहित शेट्टी की फिल्में एक्शन, कॉमेडी और इमोशन्स का बेहतरीन मिश्रण होती हैं। इसके अलावा, उन्होंने 'फियर फैक्टर: खतरों के खिलाड़ी' जैसे स्टंट शो को भी होस्ट किया है और 'कॉमिडी सर्कस' में जज की भूमिका निभाई है।
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