रोहित शेट्टी के घर फायरिंग मामले में चौंकाने वाला खुलासा: हवाला नेटवर्क से जुड़े शूटरों की कहानी
फायरिंग मामले में नए खुलासे
मुंबई, 5 अप्रैल। रोहित शेट्टी के जूहू स्थित निवास पर हुई फायरिंग के मामले में कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ सामने आई हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच ने बताया है कि इस घटना में शामिल शूटरों को पैसे हवाला के माध्यम से भेजे गए थे। बिश्नोई गैंग ने नेपाल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के जरिए यह धनराशि ट्रांसफर की।
फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग के सिलसिले में गिरफ्तार गोलू पंडित ने पूछताछ में कई अहम बातें साझा की हैं। क्राइम ब्रांच के अनुसार, गोलू पंडित को शूटरों की भर्ती के लिए हवाला नेटवर्क से पैसे मिले थे। यह रकम बिश्नोई गैंग के एक ऑपरेटर आरजू बिश्रोई द्वारा विभिन्न हवाला चैनलों के माध्यम से भेजी गई थी। गोलू को पहले से ही निर्देश दिए गए थे कि वह पूछताछ के दौरान चुप रहें और किसी भी जानकारी को साझा न करें।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि गोलू पंडित को शूटरों की भर्ती के लिए धन प्राप्त हुआ था, जो सीधे बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से नहीं, बल्कि हवाला के जरिए भेजा गया था। इस प्रकार के लेनदेन से एजेंसियों के लिए ट्रैकिंग करना मुश्किल हो जाता है, और इसलिए यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि गोलू को बिश्नोई गैंग से कितनी राशि मिली। जांच में यह भी सामने आया है कि गोलू पंडित इस साजिश का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था; उसने न केवल शूटरों की पहचान की, बल्कि उन्हें लॉजिस्टिक सहायता भी प्रदान की।
क्राइम ब्रांच को संदेह है कि इस फायरिंग की योजना काफी पहले से बनाई गई थी। एक बयान में बताया गया कि हरियाणा से शूटरों और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद बिश्नोई गैंग को यह एहसास हो गया था कि पुलिस गोलू तक पहुँच सकती है। इस स्थिति में, लॉरेंस बिश्नोई ने गोलू पंडित से आरजू बिश्नोई के माध्यम से संपर्क किया और उसे निर्देश दिया कि वह पूछताछ में अपने अन्य साथियों के बारे में कोई जानकारी न दे। यही कारण है कि क्राइम ब्रांच 12 दिनों की कस्टडी के बाद भी गोलू से कुछ भी नहीं उगलवा पाई।
क्राइम ब्रांच ने यह भी बताया कि गैंग ने एक बैकअप योजना भी तैयार की थी। वर्तमान में, गोलू पंडित न्यायिक हिरासत में है। पुलिस ने कोर्ट से उसकी रिमांड बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने 11 दिन की रिमांड के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
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