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रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग: गोलू पंडित का हवाला कनेक्शन हुआ उजागर!

रोहित शेट्टी के जूहू स्थित घर के बाहर हुई फायरिंग के मामले में गोलू पंडित के हवाला कनेक्शन का खुलासा हुआ है। मुंबई क्राइम ब्रांच ने बताया कि गोलू को बिश्नोई गैंग द्वारा हवाला के जरिए पैसे मिले थे। इस मामले में कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ सामने आई हैं, जिसमें गोलू की भूमिका और गैंग की योजनाएँ शामिल हैं। जानें इस मामले की पूरी कहानी और क्या है गोलू का अगला कदम!
 
रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग: गोलू पंडित का हवाला कनेक्शन हुआ उजागर!

फायरिंग मामले में नए खुलासे


मुंबई, 5 अप्रैल। फरवरी में रोहित शेट्टी के जूहू स्थित निवास पर हुई फायरिंग के मामले में कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ सामने आई हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच ने बताया है कि गोलू पंडित, जो शूटरों की भर्ती में शामिल था, को हवाला के माध्यम से पैसे प्राप्त हुए थे। बिश्नोई गैंग ने नेपाल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के हवाला नेटवर्क के जरिए ये फंड्स भेजे।


गोलू पंडित, जिसे प्रदीप शर्मा के नाम से भी जाना जाता है, ने पूछताछ के दौरान कई अहम तथ्य उजागर किए हैं। क्राइम ब्रांच के अनुसार, शूटरों की भर्ती के लिए गोलू को हवाला के जरिए बड़ी रकम दी गई थी। यह राशि बिश्नोई गैंग के एक सक्रिय सदस्य आरजू बिश्रोई द्वारा विभिन्न हवाला चैनलों के माध्यम से ट्रांसफर की गई थी। गोलू को पहले से ही निर्देश दिए गए थे कि वह पूछताछ के दौरान चुप रहें और किसी भी जानकारी को साझा न करें।


एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि गोलू को शूटरों की भर्ती के लिए पैसे सीधे बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से नहीं भेजे गए, बल्कि हवाला के जरिए ट्रांसफर किए गए थे। इस प्रकार के लेन-देन से एजेंसियों के लिए ट्रैकिंग करना कठिन हो जाता है, और इसलिए यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि गोलू को बिश्नोई गैंग से कितनी राशि मिली थी। जांच में यह भी सामने आया है कि गोलू इस साजिश का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था; उसने न केवल शूटरों की पहचान की, बल्कि उन्हें लॉजिस्टिक सहायता भी प्रदान की।


क्राइम ब्रांच को संदेह है कि इस फायरिंग की योजना काफी पहले से बनाई गई थी। एक बयान में बताया गया कि हरियाणा से शूटरों और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद बिश्नोई गैंग को यह एहसास हो गया था कि पुलिस गोलू तक पहुँच सकती है। इस स्थिति में, लॉरेंस बिश्नोई ने गोलू से आरजू बिश्नोई के माध्यम से संपर्क किया और उसे निर्देश दिया कि वह पूछताछ में अपने अन्य साथियों के बारे में कोई जानकारी न दे। यही कारण है कि क्राइम ब्रांच 12 दिनों की हिरासत के बाद भी गोलू से कोई महत्वपूर्ण जानकारी नहीं प्राप्त कर पाई।


क्राइम ब्रांच ने यह भी बताया कि गैंग ने एक बैकअप योजना भी तैयार की थी। वर्तमान में, गोलू पंडित न्यायिक हिरासत में है। पुलिस ने कोर्ट से उसकी रिमांड बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने 11 दिन की पुलिस रिमांड के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।


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