रुबीना दिलैक ने अपनी बेटियों की परवरिश पर उठे सवालों का दिया जवाब
रुबीना दिलैक का परिवारिक समर्थन
मुंबई, 23 मई। अभिनेत्री रुबीना दिलैक ने अपनी जुड़वां बेटियों, जीवा और ईधा की परवरिश को लेकर उठ रही आलोचनाओं का स्पष्ट जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि समाज में यह धारणा है कि दादा-दादी को अपनी जिंदगी का आनंद लेना चाहिए, लेकिन उनके माता-पिता इस विचार से असहमत हैं। रुबीना का मानना है कि बच्चों की परवरिश में दादा-दादी का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
रुबीना ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनकी बेटियां वर्तमान में शिमला में उनके माता-पिता के साथ रह रही हैं, जबकि वह मुंबई में अपने काम में व्यस्त हैं। कुछ लोग सोशल मीडिया पर यह सवाल उठा रहे थे कि सीनियर सिटीजन माता-पिता को पोतियों की देखभाल करने के बजाय अपनी जिंदगी पर ध्यान देना चाहिए।
इस आलोचना का जवाब देते हुए रुबीना ने कहा, “समाज कहता है कि दादा-दादी या नाना-नानी को अब रिटायर होकर अपनी जिंदगी का आनंद लेना चाहिए, लेकिन मेरे माता-पिता और सास-ससुर इस सोच से सहमत नहीं हैं। वे अपनी मर्जी से हमें सपोर्ट करना चाहते हैं और बच्चों के साथ रहना चाहते हैं। जब वे खुद इसमें खुश हैं, तो बाहरी लोगों की बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता।”
अभिनेत्री ने अपनी मां के बारे में बताते हुए कहा कि सीनियर सिटीजन होने के बावजूद उनकी मां को नई जिंदगी और नया मकसद मिला है। उन्होंने कहा, “मेरी मां कहती हैं कि जब वह जीवा और ईधा की आंखों में देखती हैं, तो उन्हें लगता है कि उन्हें दूसरी जिंदगी मिल गई है। वे इस समय को अपनी पोतियों की देखभाल में लगाना चाहती हैं।”
रुबीना ने अपने पति अभिनव शुक्ला के माता-पिता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जब भी जरूरत होती है, उनके ससुराल वाले लुधियाना से मुंबई आकर बच्चों की देखभाल में मदद करते हैं। रुबीना ने परिवार के समर्थन पर कहा, “मुझे अपने परिवार, खासकर अभिनव से बहुत सपोर्ट मिलता है। मेरी जो भी उपलब्धियां हैं, वे उनकी वजह से हैं। अभिनव मुझसे ज्यादा बेटियों का ख्याल रखते हैं, मेरी मां उनका ध्यान रखती हैं और ससुराल वाले भी बच्चों के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। मैं बहुत आभारी हूं।”
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