राम गोपाल वर्मा ने 'धुरंधर' को बताया हिंदी सिनेमा का नया मील का पत्थर!
राम गोपाल वर्मा की प्रशंसा
मुंबई, 20 मार्च। आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर' और इसके सीक्वल ने रिलीज के बाद से ही चर्चा का विषय बना हुआ है। इस फिल्म की तारीफों का सिलसिला अब प्रसिद्ध निर्देशक राम गोपाल वर्मा तक पहुंच गया है।
वर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत नोट साझा किया, जिसमें उन्होंने 'धुरंधर' को हिंदी सिनेमा में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में वर्णित किया।
उन्होंने कहा कि यह फिल्म एक प्रकार का 'हॉरर' है, लेकिन इसका उद्देश्य डराना नहीं है। बल्कि, यह उन फिल्म निर्माताओं के लिए एक चेतावनी है जो सस्ते और दिखावटी सिनेमा के माध्यम से नाम और पैसा कमाते हैं।
राम गोपाल ने लिखा, "पहले का सिनेमा केवल जोरदार आवाजें और एक्शन पर निर्भर था, लेकिन अब वह समय समाप्त हो रहा है। 'धुरंधर' उन निर्माताओं को चुनौती देगी जो अभी भी 'सुपरहीरो' शैली को प्राथमिकता देते हैं।"
निर्देशक ने रणवीर सिंह के प्रदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने कहा, "रणवीर का किरदार एक वास्तविक, जटिल और कमजोरियों से भरा हीरो है, जो दर्द को महसूस करता है और उसके कार्यों से हीरोइज्म प्रकट होता है।"
राम गोपाल ने यह भी कहा कि यह फिल्म उन एक्शन दृश्यों के लिए भी एक चेतावनी है, जहां भौतिकी का मजाक उड़ाया जाता है। दर्शक अब असली दर्द और सच्चे एक्शन की तलाश में हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि पैन इंडिया के निर्देशकों को अपनी सोच में बदलाव लाना होगा, क्योंकि किरदार केवल हेयरस्टाइल और कपड़ों से नहीं बनते। 'धुरंधर' में हीरो की ताकत उसके दिमाग से आती है।
राम गोपाल ने कहा, "यह फिल्म केवल एक फिल्म नहीं है, बल्कि एक निर्णय है। आदित्य धर ने उस सिनेमा को समाप्त कर दिया जो दर्शकों की समझदारी का अपमान करता था।"
उन्होंने अंत में कहा कि यदि फिल्म निर्माता अपनी सोच में बदलाव नहीं लाते और 'धुरंधर' को बार-बार नहीं देखते, तो उनकी फिल्में और सोच बचना मुश्किल होगा।
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