रानी मुखर्जी ने महिलाओं की शक्ति पर की जोरदार बात, जानें उनकी सोच
महिलाओं की ताकत का जश्न मनाते हुए रानी मुखर्जी
मुंबई, 30 जनवरी। जब भी भारतीय सिनेमा में मजबूत महिला पात्रों की चर्चा होती है, रानी मुखर्जी का नाम सबसे पहले आता है। विशेष रूप से 'मर्दानी' श्रृंखला ने उन्हें एक ऐसी अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया है, जो न केवल पर्दे पर, बल्कि अपने विचारों और बयानों के माध्यम से भी महिलाओं की शक्ति को उजागर करती हैं।
हाल ही में एक इंटरव्यू में, रानी मुखर्जी ने 'मर्दानी' का मतलब और भारतीय महिलाओं की शक्ति, सहनशीलता और साहस पर अपने विचार साझा किए।
उन्होंने कहा, ''मैं हमेशा से यही मानती हूं कि महिलाएं अपने आप में एक शक्ति का प्रतीक होती हैं। जब किसी महिला को प्यार और सम्मान मिलता है, तो वह देवी गौरी और देवी पार्वती की तरह शांत और करुणामयी बन जाती है। लेकिन जब कोई महिला को परेशान करता है, तो वह देवी चंडी और देवी दुर्गा का रूप भी धारण कर सकती है। महिलाओं को कमजोर समझना सबसे बड़ी गलती है, क्योंकि वे परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना और हर चुनौती का सामना करना जानती हैं।''
रानी ने आगे कहा, ''मैं हमेशा भारतीय महिलाओं को उनके सबसे अच्छे और सशक्त रूप में प्रस्तुत करना चाहती हूं। हर भारतीय महिला के भीतर एक 'सुपरपावर' छिपी होती है, चाहे वह गृहिणी हो, शिक्षिका हो, पत्रकार हो या पुलिस अधिकारी। महिलाएं न केवल अपने कार्य को ईमानदारी और सुंदरता से निभाती हैं, बल्कि परिवार और जिम्मेदारियों के बीच संतुलन भी बनाए रखती हैं।''
उन्होंने यह भी कहा, ''वर्दी पहनने वाली या उच्च पदों पर बैठी महिलाएं भी सामान्य महिलाओं की तरह रोजमर्रा की जिंदगी जीती हैं, लेकिन उनके भीतर एक विशेष मानसिक और भावनात्मक ताकत होती है, जो उन्हें हर कठिनाई का सामना करने की हिम्मत देती है। एक भारतीय महिला होने के नाते, मेरे लिए यह महत्वपूर्ण है कि मैं दुनिया को दिखा सकूं कि असली 'मर्दानी' कौन होती हैं और असली हीरो किसे कहा जाता है।''
रानी ने कहा, ''मैं उन सभी महिलाओं से गहराई से प्रेरित हूं जो बिना किसी शोर के, बिना सुर्खियों में आए, हर दिन समाज और अपने परिवार के लिए संघर्ष करती हैं।''
.png)