राजेश रोशन: संगीत के जादूगर जिन्होंने अमिताभ बच्चन को गाने का मौका दिया
राजेश रोशन का संगीत सफर
मुंबई, 23 मई। जब भी हिंदी सिनेमा में मधुर संगीत और यादगार गानों की चर्चा होती है, तो राजेश रोशन का नाम अवश्य लिया जाता है। उन्होंने अपने संगीत से कई फिल्मों को खास बनाया और कई कलाकारों के करियर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बहुत से लोग नहीं जानते कि महानायक अमिताभ बच्चन को पहली बार गाने का मौका राजेश रोशन ने ही दिया था। अपने पांच दशक से अधिक के करियर में, उन्होंने रोमांटिक गानों के जरिए दर्शकों के दिलों में एक खास स्थान बनाया।
परिवार और प्रारंभिक जीवन
राजेश रोशन का जन्म 24 मई 1955 को मुंबई में हुआ। उनका पूरा नाम राजेश रोशनलाल नागरथ है। वे प्रसिद्ध संगीतकार रोशनलाल नागरथ के पुत्र हैं। उनके बड़े भाई राकेश रोशन हिंदी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता, निर्माता और निर्देशक हैं, जबकि ऋतिक रोशन उनके भतीजे हैं। राजेश रोशन के पिता का निधन जब वह केवल 12 वर्ष के थे, तब हुआ। इस कठिन समय में उनकी मां इरा रोशन ने परिवार को संभाला और बच्चों को संगीत से जोड़े रखा।
संगीत में रुचि और करियर की शुरुआत
राजेश रोशन का सपना कभी संगीतकार बनने का नहीं था; वह सरकारी नौकरी करना चाहते थे। लेकिन उनकी मां उस्ताद फैयाज अहमद खान के पास संगीत सीखने जाती थीं, और राजेश भी उनके साथ जाते थे। धीरे-धीरे उनकी संगीत में रुचि बढ़ी। बाद में, उन्होंने संगीत की शिक्षा गंभीरता से ली और प्रसिद्ध संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के साथ सहायक के रूप में काम करना शुरू किया। लगभग पांच साल तक उनके साथ काम करने के बाद, राजेश ने संगीत की बारीकियों को समझा।
संगीतकार के रूप में पहचान
राजेश रोशन ने अपने करियर की शुरुआत 1974 में फिल्म 'कुंवारा बाप' से की, जिसमें गाना 'सज रही गली' काफी लोकप्रिय हुआ। हालांकि, उन्हें असली पहचान 1975 में आई फिल्म 'जूली' से मिली। इस फिल्म के गाने 'दिल क्या करे', 'ये रातें नई पुरानी' और 'माई हार्ट इज बीटिंग' आज भी लोगों की जुबान पर हैं। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर अवॉर्ड भी मिला। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
सुपरहिट फिल्मों में संगीत
राजेश रोशन ने कई हिट फिल्मों में संगीत दिया, जैसे 'देश परदेस', 'मिस्टर नटवरलाल', 'काला पत्थर', 'कामचोर', 'करण अर्जुन', 'कहो ना... प्यार है', 'कोई... मिल गया' और 'कृष'। उनके गाने हर उम्र के लोगों के बीच लोकप्रिय रहे हैं।
अमिताभ बच्चन के साथ दिलचस्प किस्सा
राजेश रोशन का अमिताभ बच्चन के साथ एक दिलचस्प किस्सा है। 1979 में फिल्म 'मिस्टर नटवरलाल' के दौरान, राजेश ने अमिताभ से एक गाना गाने का अनुरोध किया। अमिताभ ने इससे पहले कभी गाना नहीं गाया था, लेकिन राजेश ने उन्हें 'मेरे पास आओ मेरे दोस्तों' गवाया। यह गाना बच्चों और बड़ों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ। इसके बाद अमिताभ ने कई फिल्मों में गाना गाया, लेकिन उनका गायन करियर राजेश रोशन की वजह से ही शुरू हुआ।
पुरस्कार और उपलब्धियां
राजेश रोशन ने अपने लंबे करियर में दो बार फिल्मफेयर बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर अवॉर्ड जीते। पहला अवॉर्ड उन्हें 'जूली' के लिए मिला और दूसरा 'कहो ना... प्यार है' के लिए, जिसने उनके भतीजे ऋतिक रोशन को रातोंरात सुपरस्टार बना दिया। उन्होंने लगभग 125 से अधिक फिल्मों में संगीत दिया और बॉलीवुड को अनगिनत यादगार गाने दिए।
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