रणवीर सिंह और 'डॉन 3' विवाद: एफडब्ल्यूआईसीई ने लिया असहयोग का फैसला वापस!
रणवीर सिंह के विवाद में नया मोड़
मुंबई, 3 जून। बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता रणवीर सिंह और उनकी फिल्म 'डॉन 3' से जुड़े विवाद में एक महत्वपूर्ण विकास हुआ है। फिल्म इंडस्ट्री के कर्मचारियों और तकनीशियनों के संगठन, एफडब्ल्यूआईसीई (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज) ने रणवीर के खिलाफ जारी नॉन-कोऑपरेशन निर्देश को वापस लेने का निर्णय लिया है।
इसकी जानकारी एफडब्ल्यूआईसीई के मुख्य सलाहकार और फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साझा की।
अशोक पंडित ने बताया कि यह निर्णय आईएमपीएए (इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन), सीआईएनटीएए (सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन) और प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया जैसे प्रमुख संगठनों के साथ चर्चा के बाद लिया गया है।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि पूरे फिल्म उद्योग का मुद्दा है, जिसे आपसी संवाद से सुलझाना आवश्यक है।
पंडित ने आगे कहा कि एफडब्ल्यूआईसीई ने असहयोग का निर्णय लेने के बाद निर्माता संगठनों को पत्र लिखकर इस मामले में शामिल होने का अनुरोध किया था। इसके बाद आईएमपीएए के अध्यक्ष अभय सिन्हा के साथ विस्तृत चर्चा हुई। आईएमपीएए ने एफडब्ल्यूआईसीई से कहा कि यदि असहयोग का निर्णय वापस लिया जाता है, तो वे इस मामले को सुलझाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
अशोक पंडित ने बताया कि बाद में प्रोड्यूसर्स गिल्ड ने भी इसी तरह का रुख अपनाया और एफडब्ल्यूआईसीई की चिंताओं का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जब सभी प्रमुख संगठन एक मंच पर आ रहे हैं, तो इस विवाद का समाधान निकलना तय है।
उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में किसी प्रोजेक्ट को अंतिम समय पर छोड़ देना सही परंपरा नहीं बननी चाहिए। इससे निर्माताओं, तकनीशियनों और अन्य कर्मचारियों का नुकसान होता है। इसलिए विश्वास और पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है।
एफडब्ल्यूआईसीई ने रणवीर सिंह से भी आगे आकर बातचीत करने की अपील की है। अशोक पंडित ने कहा कि रणवीर जैसे कलाकार दर्शकों को सिनेमाघरों तक लाते हैं और इंडस्ट्री की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संगठन चाहता है कि सभी पक्ष मिलकर इस विवाद को समाप्त करें ताकि फिल्म उद्योग पहले की तरह सुचारू रूप से आगे बढ़ सके।
वहीं, सीआईएनटीएए की प्रतिनिधि और अभिनेत्री उपासना सिंह ने कहा कि कलाकारों के हितों की रक्षा करना उनकी संस्था की जिम्मेदारी है। फिल्म इंडस्ट्री एक परिवार की तरह है, जहां मतभेद हो सकते हैं, लेकिन बातचीत के जरिए उनका समाधान भी निकाला जा सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पहल से किसी भी पक्ष को नुकसान नहीं होगा।
उपासना सिंह ने रणवीर सिंह की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इंडस्ट्री को कई सफल फिल्में दी हैं। फिल्म केवल अभिनेता, निर्देशक या निर्माता नहीं बनाता, बल्कि इसके पीछे स्पॉट बॉय, लाइटमैन, कैमरामैन और सैकड़ों परिवारों की मेहनत जुड़ी होती है। इसलिए सभी पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए विवाद का समाधान निकालना समय की जरूरत है।
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