महिमा चौधरी ने अजय देवगन को बताया अपना सबसे बड़ा सहारा, जानें क्यों?
महिमा चौधरी का दर्दनाक अनुभव
मुंबई, 17 मई। अभिनेत्री महिमा चौधरी आज भी 1999 में हुए एक भयानक हादसे को नहीं भूल पाई हैं। वह इस घटना को अपने प्रशंसकों के साथ साझा करती रहती हैं। हाल ही में, उन्होंने 'द कपिल शर्मा शो' में अजय देवगन को अपने सबसे सहायक सह-कलाकार के रूप में बताया। महिमा के अनुसार, फिल्म 'दिल क्या करे' की शूटिंग के दौरान हुए एक गंभीर एक्सीडेंट में अजय ने उनका पूरा समर्थन किया।
महिमा ने बताया कि बेंगलुरु में फिल्म की शूटिंग के दौरान उनकी कार एक ट्रक से टकरा गई, जिससे उनके चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और शीशे के टुकड़े उनके चेहरे में घुस गए। उस समय अजय देवगन फिल्म के प्रोड्यूसर भी थे।
महिमा ने अजय को न केवल एक बेहतरीन अभिनेता, बल्कि एक महान इंसान भी बताया। उन्होंने कहा, “अजय मुझे सही प्लास्टिक सर्जन के पास ले गए और मुझे हिम्मत दी। अगर कोई और प्रोड्यूसर होता, तो शायद बस इतना ही कह देता कि जाओ इलाज कराओ, लेकिन अजय ने कहा कि तुम्हें प्लास्टिक सर्जन के पास जाना चाहिए।”
महिमा ने आगे कहा कि उस समय उन्हें बहुत डर था कि अगर उनकी चोटों की जानकारी बाहर आई, तो उनका करियर खत्म हो जाएगा। उन्होंने अजय देवगन और फिल्म के निर्देशक प्रकाश झा से अनुरोध किया कि वे इस दुर्घटना की खबर किसी को न बताएं। दोनों ने महिमा का पूरा समर्थन किया और उनके इलाज में मदद की।
महिमा चौधरी ने सुभाष घई की फिल्म 'परदेस' से अपने करियर की शुरुआत की थी और 1999 में 'दिल क्या करे' में मुख्य भूमिका निभाई थी। इस फिल्म में उनके साथ अजय देवगन, काजोल और चंद्रचूड़ सिंह भी थे। फिल्म का निर्देशन प्रकाश झा ने किया था और इसे वीरू देवगन और वीणा देवगन ने प्रोड्यूस किया था।
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