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मनोज मुंतशिर ने 'वंदे मातरम्' विवाद पर उठाई आवाज, कहा- 'प्रतिपक्ष को ऐसी हरकतें बंद करनी चाहिए'

मनोज मुंतशिर ने 'वंदे मातरम्' विवाद पर अपनी आवाज उठाई है, जिसमें उन्होंने प्रतिपक्ष के नेताओं को चेतावनी दी है कि ऐसी हरकतें बंद करनी चाहिए। उन्होंने पीएम मोदी के जीवन पर आधारित लाइव म्यूजिकल शो के बारे में भी बात की और बताया कि कैसे 'सेवा' उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जानें उनके विचार और बॉलीवुड में उनके योगदान के बारे में।
 

मनोज मुंतशिर का बयान




मुंबई, 18 सितंबर। प्रसिद्ध गीतकार और स्क्रीनराइटर मनोज मुंतशिर शुक्ला ने हाल ही में युवा धर्म संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित लाइव म्यूजिकल शो 'मेरा देश पहले: नरेंद्र मोदी की अनकही कहानी' और देशभक्ति गीत 'वंदे मातरम्' पर अपने विचार साझा किए।


उन्होंने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा कि उन्हें विश्वास है कि यदि देश के युवा धर्म और भारतीय संस्कृति के प्रति इसी तरह की आस्था बनाए रखते हैं, तो भारत की संस्कृति को भविष्य में कोई खतरा नहीं होगा।


मनोज ने पीएम मोदी के जीवन के कई पहलुओं में से 'सेवा' को सबसे प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी हमेशा लोगों को प्रेरित करते हैं और सेवा की भावना को अपने जीवन में उतारते हैं। अगर उनकी जिंदगी को एक शब्द में व्यक्त करना हो, तो वह 'सेवा' होगा। 'सेवा परमो देवः' उनके लिए केवल एक विचार नहीं, बल्कि जीवन का एक हिस्सा है।'


वंदे मातरम् को केवल दो छंदों तक सीमित करने के विवाद पर उन्होंने कहा, 'प्रतिपक्ष के नेताओं को ऐसी हरकतों से बचना चाहिए। 'वंदे मातरम्' को पूरा गाया जाएगा और इसे पूरा गाना चाहिए।'


उन्होंने अपने अंदाज में कहा, 'नसों में सूर्यवंशी स्वाभिमान था और है, सनातन से ही भगवा आसमान था और है, शिवाजी और नानक को पिता कहते हैं हम अपना, हमारे बाप का हिंदुस्तान था और है।'


मनोज मुंतशिर का नाम बॉलीवुड में केवल देशभक्ति या धार्मिक गीतों तक सीमित नहीं है। उन्होंने रोमांस, इमोशन और रिश्तों पर भी कई हिट गाने लिखे हैं, जैसे 'गलियां', 'तेरे संग यारा', 'कौन तुझे', 'मैं फिर भी तुमको चाहूंगा', 'दिल मेरी ना सुने', 'कैसे हुआ', 'तेरी मिट्टी' और 'मेरे रश्के कमर'।


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