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भारतीय सिनेमा ने खोया एक अनमोल सितारा: नाना पाटेकर का निधन

भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन हो गया है, जिससे फिल्म उद्योग में शोक की लहर दौड़ गई है। 75 वर्ष की आयु में उनका निधन गोवा में हुआ। क्रिकेट जगत के कई प्रमुख खिलाड़ियों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। नाना पाटेकर का करियर कई यादगार फिल्मों से भरा हुआ है, और उन्होंने रंगमंच से लेकर सिनेमा तक अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया। जानें उनके जीवन की कुछ खास बातें और उनके योगदान के बारे में।
 

नाना पाटेकर का निधन: एक युग का अंत




नई दिल्ली, 8 अक्टूबर। भारतीय फिल्म उद्योग के प्रतिष्ठित अभिनेता नाना पाटेकर का निधन हो गया है। उन्हें गोवा स्थित उनके निवास पर गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया। जब मेडिकल टीम वहां पहुंची, तब वह अचेत अवस्था में थे। उन्हें तुरंत मणिपाल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां सुबह 5:20 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। नाना पाटेकर ने 75 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली।




उनके निधन पर क्रिकेट जगत के कई प्रमुख खिलाड़ियों ने शोक व्यक्त किया है।




युवराज सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा, "सिनेमा ने एक सच्चे लीजेंड को खो दिया है, जो बेहतरीन एक्टर्स में से एक थे। उनकी आवाज और अदाकारी ने मुझे हमेशा प्रभावित किया। उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति।"




शिखर धवन ने भी लिखा, "भारतीय सिनेमा ने एक अद्वितीय प्रतिभा को खो दिया है। नाना पाटेकर का काम आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। ओम शांति।"




प्रसिद्ध क्रिकेट कमेंटेटर हर्षा भोगले ने कहा, "एक शानदार अभिनेता, जो स्क्रीन पर और जीवन में दोनों ही इंटेंस थे। यह एक दुखद दिन है।"




नाना पाटेकर को क्रिकेट से गहरा लगाव था। उन्होंने एक बार कहा था कि वह बचपन में अच्छे क्रिकेटर थे और ऑफ स्पिन गेंदबाजी करते थे। हालांकि, गरीबी के कारण वह क्रिकेट में आगे नहीं बढ़ पाए।




उन्होंने यह भी कहा था कि विराट कोहली उनके पसंदीदा क्रिकेटर हैं और जब वह जल्दी आउट होते हैं, तो उनका खाना खाने का मन नहीं करता।




नाना पाटेकर का जन्म 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के मुरुद में हुआ था। उनका असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था। उन्होंने रंगमंच से सिनेमा में कदम रखा और 1978 से 2026 तक एक प्रभावशाली अभिनेता के रूप में सक्रिय रहे। उनकी प्रमुख फिल्मों में 'सलाम बॉम्बे', 'परिंदा', 'तिरंगा', 'क्रांतिवीर', 'वजूद', 'अंकुश', 'खामोशी', 'शक्ति', 'राजनीति', और 'वेलकम' शामिल हैं। उन्हें तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और चार बार फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।


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