बॉलीवुड के दिग्गज नाना पाटेकर का निधन: एक युग का अंत
नाना पाटेकर का निधन
मुंबई, 8 अक्टूबर। बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर का निधन गुरुवार को हुआ। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें गोवा के डोना पाउला स्थित उनके घर पर बेहोशी की हालत में पाया गया और तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सुबह 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित किया गया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट हुआ था। अस्पताल में लाए जाने के बाद डॉक्टरों ने लगभग 45 मिनट तक उन्हें जीवित करने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
मणिपाल हॉस्पिटल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर ने कहा, "सीपीआर के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। एक मेडिको-लीगल केस दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम किया जाएगा।"
नाना पाटेकर का जन्म 1 जनवरी 1951 को हुआ था। उनका असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था और वे एक मराठी परिवार से ताल्लुक रखते थे। उनके पिता गजानन पाटेकर एक टेक्सटाइल पेंटर और व्यवसायी थे, जिनका निधन तब हुआ जब नाना 28 वर्ष के थे। उनकी मां निर्मला पाटेकर एक गृहिणी थीं, जो 2019 में 99 वर्ष की आयु में निधन हो गईं।
उनकी पत्नी नीलकांति पाटेकर एक पूर्व बैंक अधिकारी और थिएटर पेशेवर हैं। दोनों ने 1978 में विवाह किया, लेकिन बाद में अलग हो गए, हालांकि तलाक नहीं हुआ।
उनका एक बेटा मल्हार पाटेकर है, जो एक फिल्म निर्माता हैं और नाना साहेब प्रोडक्शन हाउस का संचालन करते हैं। उनका दूसरा बेटा दुर्वासा पाटेकर का निधन दो साल की उम्र में बीमारी के कारण हो गया था।
नाना पाटेकर ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मुंबई के दादर वेस्ट स्थित समर्थ विद्यालय से प्राप्त की और बाद में सर जेजे इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड आर्ट से कमर्शियल आर्ट में डिप्लोमा किया।
फुल टाइम एक्टिंग में आने से पहले उन्होंने कमर्शियल आर्टिस्ट के रूप में काम किया और जीवन यापन के लिए फिल्मों के पोस्टर और जेब्रा क्रॉसिंग पेंट करने का कार्य किया।
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