फातिमा सना शेख ने फेमिनिज्म पर खोली बात, प्रियंका चोपड़ा का दिया उदाहरण
फातिमा सना शेख की नई सीरीज 'हुंकार: द रोर'
मुंबई, 23 सितंबर। फातिमा सना शेख वर्तमान में अपनी नई सीरीज 'हुंकार: द रोर' के लिए चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इस सीरीज में वह एक पुलिस अधिकारी की भूमिका निभा रही हैं, जो एक नाबालिग लड़की से जुड़े यौन शोषण के मामले की जांच करती हैं। इस किरदार के माध्यम से फातिमा ने महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह देखकर आश्चर्य होता है कि कुछ अभिनेत्रियां आज भी खुद को फेमिनिस्ट कहने से कतराती हैं।
फातिमा ने कहा, "फेमिनिज्म को कई लोग नकारात्मक रूप से देखते हैं। यह सुनकर अजीब लगता है कि कुछ महिलाएं कहती हैं कि वे फेमिनिस्ट नहीं हैं। फेमिनिज्म का मतलब पुरुषों के अधिकारों को छीनना नहीं है, बल्कि महिलाओं के समान अधिकारों की बात करना है। महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने में संकोच नहीं करना चाहिए।"
उन्होंने प्रियंका चोपड़ा जोनस का उदाहरण देते हुए कहा, "प्रियंका खुलकर फेमिनिस्ट होने का दावा करती हैं और फिर भी उनके पास एक विशाल पुरुष प्रशंसक वर्ग है। यदि किसी व्यक्ति की सोच स्पष्ट है और वह अपनी बात को समझदारी से प्रस्तुत करता है, तो लोग उसकी बात सुनते हैं। प्रियंका इस बात का एक बड़ा उदाहरण हैं कि फेमिनिज्म की बात करने से किसी कलाकार का दर्शकों से जुड़ाव कम नहीं होता।"
'हुंकार: द रोर' में फातिमा एक गंभीर और सख्त पुलिस अधिकारी के रूप में नजर आएंगी। इस सीरीज में अनीत पड्डा एक नाबालिग लड़की का किरदार निभा रही हैं, जो एक आध्यात्मिक गुरु पर यौन शोषण का आरोप लगाती है। फातिमा का किरदार इस मामले की गहराई में जाकर न्याय दिलाने की कोशिश करता है।
फातिमा ने इस प्रोजेक्ट के बारे में कहा कि उन्हें सबसे अच्छा यह लगा कि मेकर्स ने उन्हें समानता का दर्जा दिया। कहानी में अपराध, न्याय और शक्ति के बीच एक महिला की सच के लिए संघर्ष को केंद्र में रखा गया है।
'हुंकार: द रोर' का निर्माण बिरला स्टूडियोज और अप्लॉज एंटरटेनमेंट ने पर्पल पेबल पिक्चर्स और मंगाटा फिल्म्स के सहयोग से किया है। इस क्राइम ड्रामा सीरीज का निर्देशन करण डी कपाड़िया और नित्या मेहरा ने किया है। यह सीरीज 25 सितंबर से जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम होगी।
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