प्रीति जिंटा: एक सिक्के ने बदल दी बॉलीवुड की चुलबुली अदाकारा की किस्मत
प्रीति जिंटा का अनोखा सफर
मुंबई, 30 जनवरी। बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा प्रीति जिंटा अपनी चुलबुली मुस्कान और बेबाक अंदाज के लिए जानी जाती हैं। उनका फिल्मी करियर किसी बड़े सपने से नहीं, बल्कि एक साधारण से निर्णय से शुरू हुआ। कहा जाता है कि एक सिक्के ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी।
हालांकि वह अब फिल्मों से दूर हैं, लेकिन उनके संघर्ष और काम आज भी लोगों के दिलों में ताजा हैं।
प्रीति का जन्म 31 जनवरी 1975 को हिमाचल प्रदेश के शिमला में हुआ। उनके पिता दुर्गानंद जिंटा भारतीय सेना में अधिकारी थे, जबकि मां नीलप्रभा एक गृहिणी थीं। जब प्रीति 13 साल की थीं, तब एक सड़क दुर्घटना में उनके पिता का निधन हो गया, और उनकी मां भी गंभीर रूप से घायल हुईं। इस घटना ने प्रीति की जिंदगी को पूरी तरह से बदल दिया।
शिक्षा में प्रीति हमेशा अव्वल रहीं। उन्होंने शिमला से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और फिर इंग्लिश ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उन्होंने क्रिमिनल साइकोलॉजी में पोस्ट ग्रेजुएशन भी किया।
एक इंटरव्यू में प्रीति ने बताया कि फिल्मों में आने का निर्णय उन्होंने किसी बड़े सपने के बिना लिया था। उन्होंने कहा, "फिल्ममेकर शेखर कपूर मुझे 'तारा रम पम पम' के लिए साइन करना चाहते थे। मैंने कहा, 'अगर मेरी किस्मत में यही लिखा है तो मैं सिक्का उछालकर देखूंगी।"
सिक्के पर हेड आया और उसी पल प्रीति ने तय किया कि वह एक्टिंग की दुनिया में कदम रखेंगी। यह निर्णय उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। हालांकि, 'तारा रम पम पम' बाद में सैफ अली खान और रानी मुखर्जी के साथ बनी।
1998 में, प्रीति ने शाहरुख खान के साथ 'दिल से' से बॉलीवुड में कदम रखा। भले ही उनका रोल छोटा था, लेकिन उनकी मासूमियत ने दर्शकों का ध्यान खींचा। इसके बाद 'सोल्जर', 'क्या कहना', 'संघर्ष', 'दिल चाहता है', 'कल हो ना हो', 'वीर-जारा', 'सलाम नमस्ते', और 'कभी अलविदा ना कहना' जैसी फिल्मों ने उन्हें टॉप एक्ट्रेस बना दिया।
प्रीति को उनके बेहतरीन अभिनय के लिए कई पुरस्कार मिले, जिसमें 'कल हो ना हो' के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड शामिल है।
निजी जीवन में, प्रीति ने 2016 में अमेरिकी बिजनेसमैन जीन गुडइनफ से शादी की और अब अमेरिका में अपने पति और जुड़वा बच्चों के साथ खुशहाल जीवन बिता रही हैं।
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