Movie prime

पुलकित सम्राट: एक ऑडिशन से मिली पहचान की कहानी

पुलकित सम्राट की यात्रा एक ऐसे ऑडिशन से शुरू हुई, जिसे उन्होंने पहले मना कर दिया था। लेकिन किस्मत ने उनका साथ दिया और उन्हें एकता कपूर के साथ काम करने का मौका मिला। जानें कैसे उन्होंने अपने करियर में एक बड़ा मोड़ लिया और रातों-रात पहचान हासिल की। इस लेख में उनकी भावनात्मक यात्रा और सफलता की कहानी का विवरण है।
 
पुलकित सम्राट: एक ऑडिशन से मिली पहचान की कहानी

पुलकित सम्राट का सफर


मुंबई, 5 फरवरी। भारतीय टेलीविजन और फिल्म उद्योग में कुछ ही कलाकार ऐसे होते हैं, जिन्हें एक ही मौके पर पहचान और सफलता मिलती है। पुलकित सम्राट उन चुनिंदा नामों में से एक हैं। उनकी यात्रा एक ऐसे ऑडिशन से शुरू हुई, जिसे वे खुद नहीं करना चाहते थे। लेकिन कहते हैं न, जब किस्मत साथ देती है, तो इंसान की झिझक भी रास्ता बन जाती है।


पुलकित ने साझा किया, ''मैं हमेशा से एक अलग तरह के कलाकार के रूप में पहचान बनाना चाहता था। मेरा सपना था कि मैं ऐसे किरदार निभाऊं, जिनमें गहराई हो और जो मुझे भीड़ से अलग पहचान दिलाएं। इसलिए मैंने टीवी के डेली सोप से दूरी बनाए रखी। मुझे लगता था कि अधिकांश टीवी शो एक ही तरह की कहानियों पर आधारित होते हैं। जब मुझे एक टीवी ऑडिशन का प्रस्ताव मिला, तो मैंने पहले मना कर दिया। लेकिन कास्टिंग टीम ने समझाया कि यह किरदार बाकी से अलग है और इसमें कुछ खास करने का मौका मिलेगा।''


उन्होंने आगे कहा, ''मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि इस प्रोजेक्ट के जरिए मुझे एकता कपूर से मिलने का अवसर मिल रहा था। यही एक कारण था जिसने मुझे सोचने पर मजबूर किया। थोड़ी हिचकिचाहट के बाद मैंने तय किया कि मैं मुंबई जाकर एक बार कोशिश करूंगा। बिना किसी योजना के, मैं रातों-रात दिल्ली से मुंबई आ गया। उस समय मुझे नहीं पता था कि यह सफर मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ बनने वाला है।''


पुलकित ने बताया, ''दिलचस्प बात यह है कि एकता कपूर पहले ही मेरी तस्वीरें देख चुकी थीं। जब मैं उनसे मिला, तो उन्हें तुरंत एहसास हुआ कि यही चेहरा उनके प्रसिद्ध सीरियल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' के लिए बिल्कुल सही है। मुंबई पहुंचते ही मेरी तैयारी शुरू हो गई। मेरा लुक बदला गया, नया हेयरकट दिया गया, और स्क्रीन टेस्ट हुआ। टेस्ट की रिकॉर्डिंग देखने के बाद एकता कपूर ने तुरंत फैसला सुनाया। बस इतना कहा गया कि सब ठीक है और रोल फाइनल है। इस पल से मेरी जिंदगी ने नई दिशा पकड़ ली।''


उन्होंने कहा, ''इस बड़ी सफलता के बीच एक भावनात्मक पल भी आया। मैं अपने परिवार को बिना बताए दिल्ली से मुंबई चला आया था। मुझे अपने माता-पिता की बहुत याद आ रही थी। कामयाबी की खुशी और परिवार से दूर होने का दर्द, दोनों एक साथ चल रहे थे। मैंने पीठ दर्द का बहाना बनाकर एक रात के लिए दिल्ली जाने की इजाजत ली और अपने माता-पिता से मिलने पहुंच गया। एयरपोर्ट पर मुझे देखते ही उनकी आंखें भर आईं। बिना ज्यादा बोले वे बस मेरे गले लग गए। उस मुलाकात ने मुझे अंदर से और मजबूत बना दिया।''


यह ध्यान देने योग्य है कि 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में पुलकित की एंट्री बेहद खास रही। शो में जेनरेशन लीप के साथ उन्हें लॉन्च किया गया और एक विशेष गीत के जरिए दर्शकों से मिलवाया गया था। बहुत कम टीवी किरदारों को ऐसा मौका मिलता है। देखते ही देखते वे घर-घर में पहचाने जाने लगे। पुलकित कहते हैं कि उस एक मौके ने उन्हें रातों-रात पहचान दिला दी और इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।


OTT