पलक मुच्छल: छोटी उम्र में संगीत की दुनिया पर राज करने वाली स्टार
संगीत की दुनिया में पलक मुच्छल का सफर
मुंबई, 29 मार्च। संगीत की दुनिया में कुछ ऐसे गायक हैं जिन्होंने अपनी प्रतिभा से कम उम्र में ही सबको चौंका दिया है। पलक मुच्छल भी इन्हीं में से एक हैं। आज वह अपनी आवाज के लिए जानी जाती हैं और चैरिटी कार्यों में भी सक्रिय हैं।
पलक का जन्म 30 मार्च 1992 को मध्य प्रदेश के इंदौर में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। उनके परिवार में संगीत का माहौल था, और उनके माता-पिता, अमृता और राजकुमार मुच्छल, ने हमेशा उनके टैलेंट को प्रोत्साहित किया। पलक का एक छोटा भाई पलाश भी संगीत में रुचि रखता है।
पलक ने चार साल की उम्र में गाना शुरू किया और शास्त्रीय संगीत की शिक्षा ली। उन्होंने बहुत जल्दी मंच पर अपनी आवाज का जादू बिखेरना शुरू कर दिया। उनके करियर की शुरुआत 9 साल की उम्र में उनके पहले एलबम 'चाइल्ड फॉर चिल्ड्रन' के साथ हुई, जिसे टिप्स म्यूजिक ने रिलीज किया। इस एलबम ने साबित किया कि छोटी उम्र में भी सफलता पाई जा सकती है।
पलक ने कई एलबम और सिंगल्स किए हैं, जैसे 'पलकें', 'आओ तुम्हें चांद पर ले जाएं', 'बेटी हूं महाकाल की', और 'दिल के लिए', जो उनके हुनर को और भी निखारते हैं।
बॉलीवुड में पलक की पहचान तब बनी जब सलमान खान ने उन्हें देखा। 2011 में फिल्म 'दमादम' से उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा। इसके बाद 'एक था टाइगर' के 'लापता' गाने में उनकी आवाज ने उन्हें और भी प्रसिद्धि दिलाई। पलक ने 'आशिकी 2', 'गब्बर इज बैक', 'सनम रे', और 'एम एस धोनी- द अनटोल्ड स्टोरी' जैसी फिल्मों में भी गाने गाए हैं।
पलक केवल गायक नहीं हैं, बल्कि समाज सेवा में भी सक्रिय हैं। उन्होंने हार्ट पेशेंट बच्चों के इलाज के लिए अपनी कमाई का एक हिस्सा दान किया है और अब तक 2,000 से अधिक बच्चों की सर्जरी करवाई है। इस नेक कार्य के लिए उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है। वह अपने जन्मदिन पर हार्ट पेशेंट बच्चों से मिलती हैं और उनके लिए स्टेज शो आयोजित करती हैं।
पलक मुच्छल को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है और उन्होंने युवा कलाकार और लीड सिंगर के रूप में कई पुरस्कार जीते हैं।
.png)