परेश रावल: कॉमेडी से लेकर विवादों तक, जानें उनके जीवन के अनकहे किस्से
परेश रावल का अद्वितीय करियर
परेश रावल का नाम सुनते ही उनके कॉमिक टाइमिंग के साथ-साथ उनके विलेन के किरदारों की यादें ताजा हो जाती हैं। हालांकि, उनका करियर केवल कॉमेडी तक सीमित नहीं रहा। एक समय ऐसा भी था जब उनकी खलनायकी इतनी प्रभावशाली थी कि लोग असल जिंदगी में भी उनसे डरने लगे थे। हवाई यात्रा के दौरान, लोग उनके पास बैठने से कतराते थे और अपने सामान को छिपाने लगते थे। इस छवि को बदलने के लिए उन्होंने कॉमेडी की ओर रुख किया और बाबूराव, तेजा और डॉ. घुंघरू जैसे किरदारों के माध्यम से एक अद्वितीय पहचान बनाई। हाल ही में, उन्होंने एक घटना का जिक्र किया जिसमें गुस्से में आकर उन्होंने एक व्यक्ति का सिर पत्थर से कुचल दिया था, जिसके लिए उन्हें आज भी पछतावा है। चाहे वह थिएटर हो, सिनेमा या राजनीति, वे हमेशा अपने बेबाक बोलने के लिए जाने जाते रहे हैं। आज, परेश रावल अपना 71वां जन्मदिन मना रहे हैं। आइए, उनके जीवन और करियर के कुछ दिलचस्प पहलुओं पर नजर डालते हैं।
हर किरदार में माहिर
भारतीय सिनेमा में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जो अपने किरदारों को दर्शकों के दिलों में अमर कर देते हैं। परेश रावल उन में से एक हैं। उन्होंने कॉमेडी, विलेन और गंभीर नाटकीय भूमिकाओं में अपनी प्रतिभा साबित की है। बाबूराव, तेजा, डॉ. घुंघरू, कांजी मेहता और टिक्कू जैसे किरदार आज भी लोगों के बीच मशहूर हैं। परेश रावल हर किरदार के लिए एक विशेष तैयारी करते हैं, जिसमें वे अपनी बॉडी लैंग्वेज, आवाज़ और चेहरे के हाव-भाव को बारीकी से ढालते हैं।
कॉलेज के दिनों की मजेदार घटना
परेश रावल का अभिनय सफर थिएटर से शुरू हुआ। कॉलेज में, उन्हें नाटकों का बहुत शौक था। अक्सर वे क्लास छोड़कर थिएटर की रिहर्सल में चले जाते थे। जब उनकी हाज़िरी कम हो गई, तो कॉलेज के प्रिंसिपल ने उन्हें बुलाया और उनके माता-पिता को ऑफिस लाने को कहा। उन्होंने अपने मोहल्ले के एक दोस्त को अपने पिता के रूप में पेश किया। प्रिंसिपल की शिकायत सुनकर, उनके दोस्त ने मजाक में परेश को थप्पड़ मार दिया, जिससे प्रिंसिपल घबरा गए।
गुस्से में आकर की गई हरकतें
परेश रावल अपने गुस्से के लिए भी जाने जाते थे। एक पॉडकास्ट में, उन्होंने बताया कि एक बार एक नाटक के दौरान दर्शक में से एक ने अश्लील टिप्पणी की, जिससे वे गुस्से में आ गए और उस व्यक्ति पर हमला कर दिया। इस घटना के कारण शो को रोकना पड़ा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि एक बार गुस्से में आकर उन्होंने किसी के सिर पर पत्थर फेंका था, जिसके लिए उन्हें बाद में पछतावा हुआ।
खलनायक की छवि
1990 के दशक में, परेश रावल ने कई खौफनाक खलनायकों की भूमिकाएँ निभाईं, जिससे लोग असल जिंदगी में भी उनसे डरने लगे। उनके तीव्र हाव-भाव और दमदार आवाज़ ने उन्हें एक डरावना इंसान बना दिया। हवाई यात्रा के दौरान, लोग उनके पास बैठने से कतराते थे। बाद में, उन्होंने अपनी इस छवि को बदलने के लिए हास्य भूमिकाएँ निभानी शुरू कीं।
संवेदनशील किरदारों की तैयारी
परेश रावल ने फ़िल्म *तमन्ना* में एक ट्रांसजेंडर का किरदार निभाया, जिसके लिए उन्होंने असली ट्रांसजेंडरों से मुलाकात की और उनकी बॉडी लैंग्वेज और भावनाओं को समझा। उन्होंने कहा कि यह किरदार उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण था।
सरदार वल्लभभाई पटेल का किरदार
फ़िल्म *सरदार* में, उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल का किरदार निभाया। इस भूमिका के लिए उन्होंने पटेल के भाषणों और हाव-भाव को हूबहू उतारने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक किरदार निभाना सबसे चुनौतीपूर्ण होता है।
मीम्स और विवाद
परेश रावल के कई डायलॉग्स इंटरनेट मीम संस्कृति का हिस्सा बन गए हैं। फ़िल्म *अंदाज़ अपना अपना* में उनकी दोहरी भूमिका और फ़िल्म *हेरा फेरी* में बाबू राव का किरदार उनके करियर के सबसे यादगार किरदारों में से एक है। हालांकि, उनके विवादित बयानों ने भी उन्हें सुर्खियों में रखा है।
बंगालियों पर विवादित टिप्पणी
2022 में, परेश रावल ने बंगालियों के बारे में एक विवादास्पद टिप्पणी की, जिसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणियाँ अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के लिए थीं।
धर्म और इतिहास पर विवाद
परेश रावल ने धर्म और इतिहास से जुड़े मुद्दों पर भी कई बार विवादित बयान दिए हैं। 2017 में, उन्होंने ताजमहल को लेकर एक ट्वीट किया, जिससे विवाद खड़ा हुआ।
राजनीति में कदम
भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद, उनके बयानों को लेकर राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ा। उनके ट्वीट और टिप्पणियाँ अक्सर चर्चा का विषय बन जाती थीं।
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