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नाना पाटेकर के निधन पर भावुक श्रद्धांजलि: भारती आचरेकर ने साझा की यादें

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर भारती आचरेकर ने एक भावुक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने अपनी 48 साल पुरानी दोस्ती और नाना के प्रति अपने गहरे प्रेम और सम्मान को व्यक्त किया। उन्होंने नाना के साथ बिताए पलों को याद करते हुए उनकी इंसानियत और सरलता की प्रशंसा की। इस लेख में भारती की भावनाएं और नाना के साथ उनके रिश्ते की गहराई को जानें।
 

भारती आचरेकर का नाना पाटेकर के प्रति श्रद्धांजलि

मुंबई, 11 अक्टूबर। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन ने फिल्म और थिएटर जगत में गहरा शोक पैदा कर दिया है। इस कठिन समय में, अभिनेत्री भारती आचरेकर ने नाना को याद करते हुए एक भावुक पोस्ट साझा की। उन्होंने अपनी 48 साल पुरानी दोस्ती को याद करते हुए कहा कि नाना की उपस्थिति ने उनकी जिंदगी को प्रेम और विश्वास से भर दिया था।


भारती ने इंस्टाग्राम पर लिखा, ''प्रिय नाना, हमारी दोस्ती का सफर 48 साल पुराना है। जब मैं आपके बारे में लिखने बैठी हूं, तो शब्दों की कमी महसूस कर रही हूं। आपसे बहुत कुछ कहना है, लेकिन मेरा दिल यह मानने को तैयार नहीं है कि आप अब मेरी बातें सुनने के लिए नहीं हैं।''


उन्होंने नाना के साथ अपने रिश्ते की शुरुआत को याद करते हुए कहा, ''मैंने उनके साथ दो नाटकों में काम किया था, लेकिन नाना की दोस्ती पहले मेरे पति से हुई थी। हमें यह नहीं पता चला कि हम कब इतने करीबी दोस्त बन गए। नाना अक्सर हमारे घर आते थे और मेरे पति के साथ घंटों बातें करते थे। मैं चाहती हूं कि मैं उन दिनों को फिर से जी सकूं और नाना को एक बार फिर अपने दरवाजे से अंदर आते हुए देख सकूं। ये यादें मेरे लिए बेहद खास हैं।''


भारती ने आगे लिखा, ''दुनिया ने नाना को गुस्सैल और तेज स्वभाव वाला देखा, लेकिन मैंने उनके भीतर छिपे एक मासूम बच्चे को देखा। आपके दिल की पवित्रता और सरलता ने मुझे हमेशा प्रभावित किया। इतने बड़े कलाकार होने के बावजूद, आपने कभी अपने रुतबे का दिखावा नहीं किया। आप जरूरतमंदों की मदद बिना किसी स्वार्थ के करते थे। आपके लिए सामने खड़ा व्यक्ति सबसे पहले एक इंसान था।''


उन्होंने अपनी हाल की मुलाकात को याद करते हुए कहा, ''गणेशोत्सव के दौरान मैंने अचानक नाना को फोन किया और कहा कि मैं उनसे मिलने आ रही हूं। मुझे खुशी है कि मैंने फोन किया और नाना से मिली। उन्होंने मुझे अपने हाथों से खाना परोसा। हमारे बीच का प्यार और अपनापन उस मुलाकात में भी महसूस हुआ।''


भारती ने लिखा, ''काश, मैं थोड़ी देर और रुकी होती। काश, हम कुछ और बातें कर लेते। जाने से पहले काश, मैंने आपको एक बार फिर गले लगा लिया होता। नाना, 48 साल के साथ को कुछ शब्दों में कैसे समेटा जा सकता है?''


उन्होंने अंत में कहा, ''मेरे दोस्त नाना, आपकी याद में फोन उठाकर आपको कॉल करने की आदत इतनी जल्दी नहीं जाएगी। आपकी वजह से मेरी जिंदगी प्यार और अपनेपन से भरी रही। आप जैसे दोस्त का होना मेरी खुशकिस्मती थी और आपको अलविदा कहना मेरा दुख है। अब आराम करें, ढेर सारे प्यार के साथ, आपका शुक्रिया।''


भारती आचरेकर और नाना पाटेकर की दोस्ती मराठी थिएटर के माध्यम से हुई थी। दोनों ने 'हमीदाबाईची कोठी' (1978) और 'महासागर' (1979) जैसे प्रसिद्ध नाटकों में साथ काम किया।


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