धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की प्रेम कहानी: एक विवादित शादी की अनकही दास्तान
धर्मेंद्र की यादें और उनकी शादी की कहानी
धर्मेंद्र के 89 वर्ष की आयु में निधन के बाद, सोशल मीडिया पर उनके अद्भुत करियर और व्यक्तिगत जीवन की यादें ताजा हो गई हैं। उन्होंने अपने 65 साल के फिल्मी सफर में कई हिट फिल्में दीं, लेकिन उनकी शादी हेमा मालिनी के साथ हमेशा चर्चा का विषय रही।
धर्मेंद्र और हेमा की शादी का विवाद
धर्मेंद्र ने इस्लाम धर्म अपनाया
1980 में हुई उनकी दूसरी शादी को उस समय की सबसे विवादास्पद शादियों में से एक माना गया, क्योंकि धर्मेंद्र पहले से ही प्रकाश कौर के साथ शादीशुदा थे और उनके चार संतानें थीं: सनी, बॉबी, अजीता और विजेता। इस स्थिति ने यह सवाल उठाया कि धर्मेंद्र हिंदू विवाह अधिनियम के तहत दूसरी शादी कैसे कर सकते थे। इसके चलते यह अफवाहें फैलीं कि उन्होंने हेमा से शादी करने के लिए इस्लाम धर्म अपनाया।
हेमा मालिनी का मुस्लिम नाम
हेमा और धर्मेंद्र का धर्म परिवर्तन
1979 में, दोनों ने एक ऐसा कदम उठाया जिसने मीडिया में हलचल मचा दी। 21 अगस्त, 1979 को, हेमा मालिनी और धर्मेंद्र ने इस्लाम धर्म अपनाया और शादी के लिए सहमति जताई। धर्मेंद्र ने अपना नाम दिलावर खान रखा, जबकि हेमा ने आयशा बी नाम अपनाया। उनकी शादी बेहद निजी तरीके से हुई और इसे लंबे समय तक गुप्त रखा गया। जब यह खबर बाहर आई, तो समाज में काफी हंगामा हुआ। हालांकि, हेमा और धर्मेंद्र ने कभी भी इस पर सफाई देने की आवश्यकता नहीं समझी।
प्यार की कहानी जो समाज के नियमों को चुनौती देती है
शादी के बाद का सफर
हालांकि विवाद काफी बड़ा था, लेकिन उनका प्यार उससे भी अधिक मजबूत था। मुस्लिम शादी के कुछ महीनों बाद, 2 मई, 1980 को, उन्होंने हिंदू रीति-रिवाजों से शादी कर ली। हेमा और धर्मेंद्र की खासियत यह थी कि उन्होंने कभी एक-दूसरे के परिवारों में दखल नहीं दिया। प्रकाश कौर ने भी कभी सार्वजनिक रूप से हेमा से नाराजगी नहीं जताई। धर्मेंद्र ने दोनों परिवारों की जिम्मेदारी निभाई, और हेमा ने इसे हमेशा सम्मान के साथ स्वीकार किया।
एक साहसी प्रेम कहानी
धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की प्रेम कहानी केवल रोमांस नहीं थी, बल्कि उस समय के सामाजिक नियमों के खिलाफ एक साहसिक कदम भी थी। उन्होंने अपने रिश्ते को बनाए रखने के लिए धर्म परिवर्तन का कठिन और विवादास्पद रास्ता चुना, लेकिन इससे उनके प्यार पर कोई असर नहीं पड़ा।
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