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दीपक डोबरियाल: संघर्ष से सफलता तक, जानें उनके जीवन की अनकही कहानी

दीपक डोबरियाल, जो 1 सितंबर को 51 वर्ष के हो रहे हैं, ने अपने करियर में कई संघर्षों का सामना किया। उत्तराखंड में जन्मे दीपक ने दिल्ली में पढ़ाई की और थिएटर से अपने करियर की शुरुआत की। फिल्म ‘तनु वेड्स मनु’ में उनके किरदार ‘पप्पी जी’ ने उन्हें खास पहचान दिलाई। जानें उनके जीवन की अनकही कहानी और कैसे उन्होंने बॉलीवुड में अपनी जगह बनाई।
 

दीपक डोबरियाल का जन्मदिन और करियर की शुरुआत


मुंबई, 31 अगस्त (वेब वार्ता)। बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता दीपक डोबरियाल 1 सितंबर को अपना 51वां जन्मदिन मनाने जा रहे हैं। उनका जन्म उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में 1975 में हुआ। फिल्म ‘तनु वेड्स मनु’ में ‘पप्पी जी’ के किरदार ने उन्हें खास पहचान दिलाई, और उनके संवाद आज भी दर्शकों को हंसाते हैं।


दीपक का बचपन दिल्ली में बीता, जहां उन्होंने अपनी पढ़ाई की। पांच साल की उम्र से ही उन्होंने अभिनय में रुचि दिखाई। हालांकि, उनके परिवार ने इस पेशे को लेकर संदेह जताया, क्योंकि उनके कई दोस्त अच्छी नौकरियों में लग गए थे। दीपक की उम्र सरकारी नौकरी के लिए उपयुक्त हो रही थी, लेकिन उनका मन अभिनय में लगा रहा।


बॉलीवुड में कदम रखने के लिए दीपक को काफी संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने थिएटर में भी काम किया और कई नाटकों में अपनी प्रतिभा दिखाई। 1994 में, उन्होंने प्रसिद्ध थिएटर कलाकार अरविंद गौड़ के साथ अपने करियर की शुरुआत की, जहां उन्होंने ‘तुगलक’, ‘अंधा युग’, और ‘फाइनल सॉल्यूशंस’ जैसे नाटकों में अभिनय किया।


दीपक को अक्सर परिवार से ताने सुनने को मिलते थे, जैसे कि ‘दाढ़ी बढ़ाकर बैजू बावरा बना फिरता है।’ 2003 में, उन्होंने मुंबई का रुख किया और फिल्म ‘मकबूल’ में ‘थापा’ का किरदार निभाया। इसके बाद, ‘चरस’ और ‘ब्लू अम्ब्रेला’ जैसी फिल्मों में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। 2006 में, ओमकारा में राजन तिवारी का किरदार निभाकर उन्होंने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया और इसके लिए उन्हें फिल्मफेयर अवार्ड भी मिला।


2011 में आई फिल्म ‘तनु वेड्स मनु’ ने दीपक के करियर को नई दिशा दी। उनके संवाद तेजी से वायरल होने लगे और ‘पप्पी जी’ का किरदार आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है। इसके बाद, उन्होंने ‘दबंग 2’ में खलनायक की भूमिका निभाई और बॉलीवुड में अपनी अदाकारी से एक अलग पहचान बनाई।


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