दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव को सुनाई तीन महीने की जेल, जानें पूरा मामला!
राजपाल यादव की जेल यात्रा का नया अध्याय
बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस के मामले में फिर से जेल भेजा जा रहा है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्हें तीन महीने की सजा सुनाई है, साथ ही भारी जुर्माना भी लगाया है। आज, शुक्रवार 10 जुलाई को हुई सुनवाई में अदालत ने उनकी सजा को बरकरार रखा।
सजा की अवधि और जुर्माना
उच्च न्यायालय ने राजपाल यादव को चेक बाउंस के सात मामलों में से प्रत्येक के लिए तीन महीने की साधारण जेल की सजा सुनाई। अदालत ने निर्देश दिया कि ये सजा एक साथ काटी जाएगी, जिससे उन्हें कुल तीन महीने जेल में बिताने होंगे।
जज की टिप्पणी
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अध्यक्षता वाली बेंच ने राजपाल यादव की याचिकाओं को खारिज करते हुए सजा का आदेश दिया। जस्टिस शर्मा ने कहा कि यादव को कोर्ट में किए गए वादे को पूरा करने के लिए कई अवसर दिए गए, लेकिन वे बार-बार असफल रहे।
जुर्माने की राशि
अदालत ने प्रत्येक मामले के लिए ₹1.05 करोड़ का जुर्माना लगाया, जिससे कुल जुर्माना ₹7.35 करोड़ हो गया। अदालत के आदेश के अनुसार, हर मामले में शिकायतकर्ता को ₹1,04,75,000 और राज्य को ₹25,000 का भुगतान करना होगा।
चेक बाउंस का मामला
राजपाल यादव ने 2010 में *अता पता लापता* नामक फिल्म के लिए ₹5 करोड़ का लोन लिया था, जिसे उन्होंने निवेश बताया था। लेकिन वे लोन चुकाने में असफल रहे और बकाया राशि ₹9 करोड़ तक पहुंच गई। यादव पहले भी इस मामले में 5 फरवरी 2016 को तिहाड़ जेल में सरेंडर कर चुके हैं। उस समय कई कलाकारों ने उनकी मदद की थी।
राजपाल यादव का बयान
तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद, राजपाल यादव ने कहा, "मैं पैसे से घिरा हुआ हूँ; मैं एक बोलती हुई चेकबुक हूँ।" उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं, जिनमें चार कॉन्ट्रैक्ट ₹200 करोड़ से लेकर ₹2,000 करोड़ तक के हैं। हाल ही में, वे *भूत बंगला* और *वेलकम टू द जंगल* जैसी फिल्मों में नजर आए थे, जो बॉक्स ऑफिस पर सफल रही हैं।
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