Movie prime

दिल्ली में भारतीय सिनेमा के सितारों को मिला पद्म सम्मान, धर्मेंद्र को मिला मरणोपरांत पद्म विभूषण

दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में भारतीय सिनेमा की कई प्रमुख हस्तियों को सम्मानित किया गया। दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण से नवाजा गया, जिसे उनकी पत्नी हेमा मालिनी ने ग्रहण किया। समारोह में प्रोसेनजीत चटर्जी को भी पद्म श्री पुरस्कार मिला। जानें इस भावुक समारोह के बारे में और क्या कहा इन सितारों ने।
 
दिल्ली में भारतीय सिनेमा के सितारों को मिला पद्म सम्मान, धर्मेंद्र को मिला मरणोपरांत पद्म विभूषण

सिनेमा की बड़ी हस्तियों का सम्मान


नई दिल्ली, 25 मई। राष्ट्रपति भवन में सोमवार को भारतीय सिनेमा की कई प्रमुख शख्सियतों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण से नवाजा गया। उनकी पत्नी, अभिनेत्री और भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के समक्ष पुरस्कार लेते समय हेमा और उनकी बेटी अहाना देओल की आंखों में आंसू थे।


पद्म विभूषण भारत का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है।


जब हेमा मालिनी मंच पर पुरस्कार लेने के लिए बढ़ीं, तो वहां उपस्थित लोगों के लिए वह क्षण अत्यंत भावुक हो गया। पति के सम्मान को ग्रहण करते समय उनके चेहरे पर गर्व और दुख दोनों की झलक थी। उन्होंने पुरस्कार लेते समय खुद को संभालने की कोशिश की।


धर्मेंद्र का निधन 24 नवंबर 2025 को हुआ था। उन्हें सांस लेने में कठिनाई के कारण वेंटिलेटर पर रखा गया था और उन्होंने 89 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली।


इस समारोह में बंगाली सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता प्रोसेनजीत चटर्जी को भी सम्मानित किया गया। उन्हें भारतीय सिनेमा में उनके लंबे योगदान के लिए पद्म श्री पुरस्कार प्रदान किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें कला के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों के लिए यह सम्मान दिया।


पद्म श्री पुरस्कार मिलने पर प्रोसेनजीत चटर्जी ने कहा, "मैं आज बहुत खुश हूं। एक अभिनेता के रूप में मेरा करियर 40 साल से अधिक का रहा है, और इस दौरान मैंने 400 से अधिक फिल्मों में काम किया है। इस खुशी को शब्दों में नहीं कह सकता।"


इसके अलावा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कला के क्षेत्र में पीयूष पांडेय को मरणोपरांत पद्मभूषण से सम्मानित किया। पीयूष पांडेय भारतीय विज्ञापन जगत के प्रमुख नामों में से एक हैं, जिन्होंने 'मिले सुर मेरा तुम्हारा' जैसे 100 से अधिक विज्ञापनों को तैयार किया और भारतीय विज्ञापन को वैश्विक पहचान दिलाई।


OTT