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दिल्ली क्राइम: शेफाली शाह ने 7 साल बाद साझा की यादें, क्या है इस सीरीज की खासियत?

अभिनेत्री शेफाली शाह ने अपनी चर्चित वेब सीरीज 'दिल्ली क्राइम' की 7वीं वर्षगांठ पर अपनी भावनाएं साझा की हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर कुछ बिहाइंड-द-सीन्स तस्वीरें पोस्ट कीं और बताया कि कैसे इस सीरीज ने उनके जीवन को प्रभावित किया। साथ ही, उन्होंने तीसरे सीजन में अपने किरदार वर्तिका चतुर्वेदी में आए बदलाव के बारे में भी चर्चा की। जानें इस सीरीज की खासियत और शेफाली की यादें!
 
दिल्ली क्राइम: शेफाली शाह ने 7 साल बाद साझा की यादें, क्या है इस सीरीज की खासियत?

दिल्ली क्राइम की 7वीं वर्षगांठ


मुंबई, 22 मार्च। अभिनेत्री शेफाली शाह की चर्चित वेब सीरीज 'दिल्ली क्राइम' को आज 7 साल पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर शेफाली ने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह आज भी उस अनुभव की चमक में खोई हुई हैं।


शेफाली ने साझा किया कि इतने वर्षों बाद भी इस सीरीज की यादें उनके लिए बेहद खास हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर कुछ बिहाइंड-द-सीन्स (बीटीएस) तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “हमने 'दिल्ली क्राइम' नामक जो जादू रचा था, उसे 7 साल हो गए हैं और मैं अभी भी उसकी चमक में डूबी हूं।”


'दिल्ली क्राइम' को दर्शकों और समीक्षकों से अपार प्यार और सराहना मिली थी। शेफाली ने इस सीरीज में आईपीएस वर्तिका चतुर्वेदी का किरदार निभाया, जो कि एक मजबूत और यादगार भूमिका बन गई। इस मौके पर उनकी सह-कलाकार रसिका दुग्गल ने भी सेट से कुछ और बीटीएस तस्वीरें इंस्टाग्राम पर साझा कीं। रसिका ने सीरीज में एसीपी नीति सिंह का किरदार निभाया था।


उन्होंने कैप्शन में लिखा, “एक ऐसी कहानी के शॉट्स के बीच के पल, जिसे हमने बहुत सहेजकर पेश किया।”


'दिल्ली क्राइम' अब तक तीन सीजन में रिलीज हो चुकी है। शेफाली ने 'दिल्ली क्राइम 3' के बारे में बताया कि इस सीजन में वर्तिका के किरदार में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। पहले सीजन में वर्तिका गुस्से और ताकत से काम करती थी, लेकिन तीसरे सीजन में उसने दर्द और गुस्से को अंदर रखते हुए दया और सहानुभूति से केस सुलझाए।


शेफाली ने कहा, “मैं बहुत डरी हुई थी। यह कहना कि मैं सिर्फ डरी हुई थी, कमबख्ती होगी। मुझे नहीं पता था कि दर्शक इस नए नजरिए को समझ पाएंगे या नहीं। लेकिन रिव्यू पढ़कर मैं खुशी से झूम उठी और आंसू छलक आए।” उन्होंने कहा कि वर्तिका ने हर परिस्थिति में अलग-अलग तरीके से काम किया, कभी ताकत से, कभी हिम्मत से, कभी रौब से, और इस बार दया से।


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