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दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' पर उठे सवाल: क्या है इसकी असली वजह?

दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को लेकर एफडब्ल्यूआईसीई के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अभिनेताओं को केवल पैसे के लिए फिल्में नहीं करनी चाहिए और अपनी सार्वजनिक छवि का ध्यान रखना चाहिए। फिल्म को जी5 से हटाए जाने के पीछे की वजहों पर भी चर्चा की गई है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और दिलजीत के फैसले का असर।
 

फिल्म 'सतलुज' पर विवाद


मुंबई, 6 जुलाई। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (एफडब्ल्यूआईसीई) के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने दिलजीत दोसांझ की हालिया फिल्म 'सतलुज' को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। एक मीडिया चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि अभिनेताओं को केवल आर्थिक लाभ के लिए फिल्में नहीं करनी चाहिए, बल्कि अपने चयन में जिम्मेदारी और सार्वजनिक छवि का भी ध्यान रखना चाहिए।


जब उनसे पूछा गया कि जी5 पर 'सतलुज' को क्यों हटाया गया, तो तिवारी ने कहा कि यदि कोई सामग्री समाज में समस्याएं उत्पन्न करती है, तो उसे सावधानीपूर्वक जांचना आवश्यक है। सिनेमा का उद्देश्य मनोरंजन और जानकारी देना है, लेकिन यदि सरकार या सेंसर बोर्ड को कोई समस्या होती है, तो इसका मतलब है कि फिल्म में कुछ ऐसा है जो दर्शकों के लिए उपयुक्त नहीं है।


उन्होंने आगे कहा कि भले ही फिल्म सेंसरशिप से पास हो गई हो, लेकिन यदि बाद में सरकार को लगता है कि इससे गलत जानकारी फैल सकती है या सामाजिक सद्भाव में बाधा आ सकती है, तो ऐसी फिल्मों को पहले ही रोक देना चाहिए। तिवारी ने यह भी कहा कि सेंसर बोर्ड को सभी चिंताओं पर पहले ही ध्यान देना चाहिए था।


उन्होंने कहा कि एक बार मंजूरी मिलने के बाद फिल्म को रिलीज किया जाना चाहिए, क्योंकि इसमें प्रोड्यूसर का बहुत सारा पैसा लगा होता है। यदि सभी आवश्यक कट पहले ही किए जा चुके हैं, तो बाद में फिल्म को रोकने का कोई औचित्य नहीं है।


बीएन तिवारी ने यह भी व्यक्त किया कि उन्हें आश्चर्य है कि दिलजीत दोसांझ विवादित फिल्मों का चयन क्यों करते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने निर्णयों के प्रभाव को समझना चाहिए, क्योंकि वह पंजाब के सुपरस्टार हैं और उनके बहुत सारे प्रशंसक हैं।


उन्होंने कहा कि एक कलाकार का यह भी कर्तव्य है कि वह केवल पैसे के लिए या किसी अन्य कारण से फिल्में न करे। उन्हें 'राष्ट्र सर्वोपरि' के सिद्धांत को ध्यान में रखना चाहिए।


फिल्म 'सतलुज', जो मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है, को शुक्रवार को जी5 पर रिलीज किया गया था। लेकिन रविवार को इसे प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। जी5 ने अपने सोशल मीडिया पर कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए 'सतलुज' भारत में अगली सूचना तक उपलब्ध नहीं रहेगी।


स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ने दर्शकों के सकारात्मक प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि वह फिल्म और उसके क्रिएटिव विजन के साथ खड़े हैं।


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