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दलेर मेहंदी के विवाद पर सुदेश बेरी और राखी सावंत का समर्थन: क्या है पूरा मामला?

उत्तराखंड के कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी की परफॉर्मेंस के दौरान विवाद खड़ा हो गया, जिसके बाद सुदेश बेरी और राखी सावंत ने उनका समर्थन किया। सुदेश ने अपमानित करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाया, जबकि राखी ने दलेर को अपना भाई बताया। जानें इस विवाद के पीछे की कहानी और कलाकारों की राय।
 

दलेर मेहंदी का विवाद और समर्थन

मुंबई, 21 अक्टूबर। उत्तराखंड के नरेंद्रनगर में कुंजापुरी मेले के दौरान दलेर मेहंदी की परफॉर्मेंस को लेकर विवाद ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना के बाद कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की नाराजगी सामने आई, जिसके चलते मनोरंजन जगत के कई कलाकारों ने अपनी राय व्यक्त की है। अभिनेता सुदेश बेरी और राखी सावंत ने दलेर मेहंदी का समर्थन किया है।


सुदेश बेरी ने मंच पर किसी कलाकार को अपमानित करने पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर किसी कलाकार को बुलाया गया है, तो उसके सम्मान का ध्यान रखना आवश्यक है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा, ''किसी कलाकार की परफॉर्मेंस पर शिकायत हो सकती है, लेकिन उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित करना उचित नहीं है। कलाकार भी इंसान हैं और कभी-कभी उनकी तबीयत खराब हो सकती है।''


उन्होंने आगे कहा, ''दलेर मेहंदी ने अपने जीवन को संगीत को समर्पित किया है और उनके योगदान का सम्मान किया जाना चाहिए। समाज में ऐसे लोग होते हैं जो दूसरों को प्रेरित करते हैं, और हमें सभी का सम्मान करना चाहिए।''


सुदेश ने अपनी पोस्ट में लिखा, ''मैं दलेर मेहंदी जी के साथ खड़ा हूं। किसी की प्रस्तुति पर नाराजगी हो सकती है, लेकिन इसे सम्मानपूर्वक व्यक्त किया जाना चाहिए।''


दूसरी ओर, राखी सावंत ने भी दलेर मेहंदी का समर्थन करते हुए कहा कि वह उन्हें भाई मानती हैं। उन्होंने कहा, ''मैंने दलेर के साथ गाने गाए हैं और वह कभी शराब नहीं पीते। उम्र के साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए किसी कलाकार की बेइज्जती करना गलत है। आयोजकों को भी सेलिब्रिटी का सम्मान करना चाहिए।''


यह विवाद तब शुरू हुआ जब दलेर मेहंदी की परफॉर्मेंस के दौरान कुछ गानों में उनकी आवाज के बजाय रिकॉर्डेड ट्रैक सुनाई दिया, जिससे दर्शक नाराज हो गए। इसके बाद मंत्री सुबोध उनियाल ने मंच पर आकर गायक को फटकार लगाई। दलेर मेहंदी ने कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए उन्हें रिकॉर्डेड ट्रैक का सहारा लेना पड़ा।


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