जीनत अमान ने साझा किया 'गवाही' फिल्म का दिलचस्प किस्सा, जानिए उनके संघर्ष के बारे में!
जीनत अमान का संघर्ष और 'गवाही' का अनुभव
मुंबई, 20 मई। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर अदाकारा जीनत अमान सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं और अक्सर अपने जीवन, फिल्मों और अनुभवों को साझा करती हैं। हाल ही में, उन्होंने अपनी फिल्म 'गवाही' से जुड़ा एक महत्वपूर्ण पल साझा किया।
जीनत ने बताया कि उस समय उनकी शादीशुदा जिंदगी में कई समस्याएं आ रही थीं और वह मानसिक रूप से काफी कमजोर महसूस कर रही थीं। ऐसे कठिन समय में उनकी मां ने उन्हें सहारा दिया और फिल्मों में वापसी की प्रेरणा दी।
अभिनेत्री ने अपनी पोस्ट में फिल्म 'गवाही' की शूटिंग के दिनों को याद करते हुए लिखा, ''यह फिल्म 1988 में शूट हुई थी, जब मेरे बड़े बेटे अजान का जन्म हुए दो साल हो चुके थे और दूसरे बेटे जहान को गर्भधारण करने से पहले का समय था।'' उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा आया जब उन्हें लगा कि शादी और परिवार उनकी जिंदगी को खुशियों से भर देंगे, लेकिन धीरे-धीरे उनकी शादी में दरारें आनी शुरू हो गईं।
जीनत ने आगे कहा, ''मैं अपने छोटे बेटे अजान के साथ अपनी मां के घर साउथ बॉम्बे में रहने लगी थी।'' उन्होंने यह भी बताया कि वह अपने पेशेवर जीवन से दूर जाना चाहती थीं, लेकिन जब निजी जीवन में समस्याएं बढ़ीं, तो उन्होंने फिल्मों में लौटने का मन बनाया।
उन्होंने लिखा, ''मुझे केवल बेटी, मां और पत्नी के रूप में नहीं, बल्कि एक कलाकार के रूप में पहचानने की इच्छा थी। इसी दौरान मुझे 'गवाही' की कहानी मिली। यह एक कम बजट की कोर्टरूम ड्रामा थी, जो एक प्रसिद्ध नाटक पर आधारित थी। निर्माता विवेक वासवानी और नए निर्देशक अनंत बलानी ने मुझे कहानी इतनी अच्छी तरह से सुनाई कि मैंने तुरंत इसमें काम करने का निर्णय लिया।''
जीनत ने अपनी मां का उल्लेख करते हुए कहा, ''मेरी मां ने उस कठिन समय में मेरा पूरा समर्थन किया। उन्होंने छोटे बेटे अजान की जिम्मेदारी संभाली ताकि मैं शूटिंग कर सकूं। अगर मेरी मां का साथ नहीं होता, तो शायद मैं उस समय फिल्मों में वापसी नहीं कर पाती।''
उन्होंने फिल्म में अपने किरदार के बारे में बताया, जिसमें उन्होंने जान्हवी कौल नाम की महिला का रोल निभाया था, जिसे हत्या के आरोप का सामना करना पड़ा। यह किरदार उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण था।
जीनत ने फिल्म की शूटिंग और कलाकारों को याद करते हुए कहा, ''फिल्म की पूरी शूटिंग मुंबई में हुई थी। इसमें शेखर कपूर और आशुतोष गोवारिकर जैसे कलाकार भी शामिल थे। हाल ही में जब मैंने यह फिल्म देखी, तो मुझे लगा कि यह अपने समय से काफी आगे की फिल्म थी। इसमें रहस्य, रोमांच और भावनाओं का अनोखा मिश्रण था।''
उन्होंने फिल्म की कहानी का जिक्र करते हुए कहा, ''मेरे किरदार को एक बड़े कारोबारी की सेक्रेटरी के रूप में दिखाया गया था, जिसकी रहस्यमयी मौत के बाद पूरी कहानी आगे बढ़ती है। यह फिल्म मेरे जीवन के उस दौर की याद दिलाती है, जब मैं खुद को फिर से संभालने की कोशिश कर रही थी।''
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