जन्माष्टमी पर सोनाक्षी बत्रा ने साझा की भगवान कृष्ण से जुड़ी यादें और सीखें
सोनाक्षी बत्रा का भगवान कृष्ण से जुड़ाव
मुंबई, 4 सितंबर। 'जगधात्री' में मुख्य भूमिका निभा रही अभिनेत्री सोनाक्षी बत्रा ने जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान कृष्ण के प्रति अपने संबंध और उनसे मिली सीखों के बारे में चर्चा की।
उन्होंने बताया कि जब वह छोटी थीं और विभिन्न गतिविधियों में भाग लेती थीं, तब उनके पिता हमेशा उन्हें भगवान कृष्ण का आशीर्वाद लेने के लिए प्रेरित करते थे। उस समय वह इस बात को पूरी तरह से नहीं समझ पाती थीं, लेकिन अब जब वह अभिनय की दुनिया में हैं, तो उन्हें अपने पिता की यह सलाह गहराई से समझ में आती है।
सोनाक्षी ने कहा, ''भगवान कृष्ण ने कई भूमिकाएं निभाईं। वह बेटे, दोस्त, प्रेमी, मार्गदर्शक, रणनीतिकार और राजा रहे, लेकिन उन्होंने कभी अपने असली स्वरूप को नहीं खोया। मुझे लगता है कि एक अभिनेता के लिए यही बात महत्वपूर्ण है। अभिनय में कलाकार को विभिन्न किरदार निभाने होते हैं और हर किरदार की भावनाओं और यात्रा को जीना पड़ता है, लेकिन खुद को पहचानना भी आवश्यक है।''
उन्होंने आगे कहा, ''मेरे लिए जन्माष्टमी बचपन की उन प्यारी यादों को ताजा करती है, जब पूरा परिवार भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव मनाता था। घर में सजावट होती थी और भोग तैयार किया जाता था। परिवार के सदस्य लड्डू गोपाल को प्यार से सजाते थे। उनके लिए सुंदर कपड़े लाए जाते थे और फूलों से सजाया जाता था। मेरी मां भगवान कृष्ण के लिए खास भोग बनाती थीं, जिसमें खीर और माखन शामिल होता था।''
सोनाक्षी ने कहा, ''इन परंपराओं में एक अलग खुशी होती थी। जन्माष्टमी से जुड़ी ये छोटी-छोटी बातें इस त्योहार को खास बनाती हैं और घर का माहौल खुशी से भर देती हैं।''
दही हांडी पर बात करते हुए उन्होंने कहा, ''एक व्यक्ति शायद ऊपर रखी हांडी तक पहुंच सकता है, लेकिन इसके लिए पूरी टीम की आवश्यकता होती है। हर हाथ महत्वपूर्ण होता है और हर व्यक्ति दूसरे को संभालता है। अगर एक व्यक्ति का संतुलन बिगड़ता है, तो इसका असर पूरी टीम पर पड़ता है। यह बात हर काम और पेशे पर लागू होती है।''
भगवान कृष्ण के बारे में सोनाक्षी ने कहा, ''मेरे लिए कृष्ण का मतलब है साहस, कि इंसान जीवन में कई भूमिकाएं निभाए, लेकिन खुद को न खोए। अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का विश्वास रखे और जो उसके हाथ में नहीं है, उसे ईश्वर पर छोड़ने की समझ भी रखे।''
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