Movie prime

जन्माष्टमी पर क्यों है 'खुद्दार' का गाना आज भी सबसे खास? जानें इसकी कहानी!

जन्माष्टमी के अवसर पर, बॉलीवुड का सदाबहार गाना 'खुद्दार' आज भी लोगों को झूमने पर मजबूर करता है। किशोर कुमार और लता मंगेशकर की आवाज में गाया गया यह गाना, जो अमिताभ बच्चन पर फिल्माया गया है, दशकों से इस त्योहार की रौनक बढ़ा रहा है। जानें इस गाने की कहानी और इसकी आज भी बनी हुई लोकप्रियता के पीछे का राज।
 

जन्माष्टमी की धूमधाम शुरू

रक्षाबंधन के बाद, देशभर में जन्माष्टमी की तैयारियों का दौर शुरू हो गया है। 4 सितंबर को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर मंदिरों, गलियों और घरों में भक्ति का माहौल छा जाएगा। जब जन्माष्टमी की बात होती है, तो बॉलीवुड के उन गानों का जिक्र न हो, जो इस त्योहार की रौनक बढ़ाते हैं, ऐसा कैसे हो सकता है।


सदाबहार गाना जो हर साल झूमने पर मजबूर करता है

एक ऐसा गाना है जो पिछले कई दशकों से जन्माष्टमी के मौके पर लोगों को झूमने पर मजबूर करता आ रहा है। इस गीत को बॉलीवुड के महान गायक किशोर कुमार और स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी थी। यह गाना अमिताभ बच्चन पर फिल्माया गया है और आज भी जन्माष्टमी की पार्टियों में इसकी धुन सुनाई देती है।


44 साल बाद भी गाने की लोकप्रियता

अमिताभ बच्चन और परवीन बाबी की फिल्म 'खुद्दार' का गाना 'मच गया शोर सारी नगरी में, आया बिरज का बांका, संभाल अपनी गगरी रे...' आज भी जन्माष्टमी के सबसे पसंदीदा बॉलीवुड गीतों में से एक है।


किशोर और लता की आवाज का जादू

1984 में आई फिल्म 'खुद्दार' के इस गाने को किशोर कुमार और लता मंगेशकर ने गाया था। इसके बोल मशहूर गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे थे, जबकि संगीत राजेश रोशन ने दिया था।


यूट्यूब पर गाने की लोकप्रियता

इस गाने की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यूट्यूब पर इसके री-पोस्ट किए गए वीडियो को करोड़ों बार देखा गया है। नई पीढ़ी भी इस गाने को पसंद कर रही है और जन्माष्टमी के मौके पर इसका उपयोग धार्मिक आयोजनों और सोशल मीडिया पर देखने को मिलता है।


फिल्म 'खुद्दार' के अन्य कलाकार

फिल्म 'खुद्दार' में अमिताभ बच्चन और परवीन बाबी के अलावा संजीव कुमार, विनोद मेहरा, तनुजा, बिंदिया गोस्वामी, प्रेम चोपड़ा, महमूद और ए.के. हंगल जैसे कई दिग्गज कलाकार भी शामिल थे।


गाने की पहचान

1984 में रिलीज हुई यह फिल्म अपने समय में काफी पसंद की गई थी, लेकिन समय के साथ इसकी पहचान इस सदाबहार जन्माष्टमी गीत से बनी, जो आज भी त्योहार के मौके पर लोगों की पसंद बना हुआ है।


OTT