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चंद्रशेखर वैद्य: हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता का जीवन और करियर

चंद्रशेखर वैद्य, हिंदी सिनेमा के एक प्रतिष्ठित अभिनेता, का 98 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने 'रामायण' में सुमंत का किरदार निभाकर अपार लोकप्रियता हासिल की। उनके करियर की शुरुआत 1950 में हुई और उन्होंने 110 से अधिक फिल्मों में काम किया। जानें उनके जीवन, करियर और व्यक्तिगत जीवन के बारे में इस लेख में।
 
चंद्रशेखर वैद्य: हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता का जीवन और करियर

चंद्रशेखर वैद्य का निधन और करियर की शुरुआत


मुंबई, 15 जून। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के प्रसिद्ध अभिनेता चंद्रशेखर वैद्य का 98 वर्ष की आयु में 16 जून 2021 को निधन हो गया। उन्होंने रामानंद सागर की 'रामायण' में सुमंत का यादगार किरदार निभाया था। अपने करियर में उन्होंने 110 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया।


प्रारंभिक जीवन और फिल्म करियर

चंद्रशेखर वैद्य का जन्म 7 जुलाई 1922 को तेलंगाना (तत्कालीन हैदराबाद) में हुआ। उन्होंने 1940 के दशक की शुरुआत में कॉलेज छोड़कर बंबई में फिल्म उद्योग में कदम रखा। गायिका शमशाद बेगम की मदद से उन्होंने पुणे के शालीमार स्टूडियो में काम करना शुरू किया।


1950 में 'बेबस' फिल्म से उन्होंने जूनियर आर्टिस्ट के रूप में अपने करियर की शुरुआत की और धीरे-धीरे सहायक भूमिकाओं में अपनी पहचान बनाई। बतौर अभिनेता, उन्होंने 1953 में 'सुरंग' फिल्म में काम किया। इसके बाद 'काली टोपी लाल रुमाल', 'बारादरी', 'बसंत बहार', 'गेटवे ऑफ इंडिया', 'फैशन', 'बरसात की रात', 'अंगुलिमाल', 'रुस्तम-ए-बगदाद', और 'जहां आरा' जैसी कई चर्चित फिल्मों में अभिनय किया।


निर्माता और निर्देशक के रूप में योगदान

1964 में, चंद्रशेखर वैद्य ने 'चा चा चा' फिल्म का निर्माण, निर्देशन और लीड रोल निभाया। इसके बाद उन्होंने 'स्ट्रीट सिंगर' का भी निर्माण और निर्देशन किया। 1960 के दशक के अंत तक लीड रोल्स कम होने पर उन्होंने कैरेक्टर आर्टिस्ट के रूप में काम करना शुरू किया।


रामायण में सुमंत का किरदार

रामानंद सागर की महाकाव्य सीरीज 'रामायण' में आर्य सुमंत के किरदार ने चंद्रशेखर वैद्य को व्यापक पहचान दिलाई। उन्होंने यह भूमिका 64 वर्ष की आयु में निभाई थी, और यह भूमिका आज भी दर्शकों के दिलों में बसी हुई है।


व्यक्तिगत जीवन और विरासत

1985 से 1996 तक, चंद्रशेखर सिने आर्टिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे और फिल्म इंडस्ट्री के कर्मचारियों के कल्याण के लिए सक्रिय रूप से काम किया। 2000 में 'खौफ' फिल्म के बाद उन्होंने अभिनय से संन्यास ले लिया। चंद्रशेखर ने 13 वर्ष की आयु में शादी की थी और वे पढ़ाई में रुचि रखते थे, लेकिन केवल 7वीं कक्षा तक ही पढ़ सके। उन्होंने एक साधारण जीवन जीया और उनके बेटे अशोक शेखर टीवी प्रोड्यूसर हैं।


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