Movie prime

गुड़ी पड़वा: टीवी सितारों की यादें और उत्सव की तैयारी

गुड़ी पड़वा, जो हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है, महाराष्ट्र में धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल, टीवी सितारे शिल्पा शिंदे और अमिताभ घाणेकर ने अपने बचपन की यादें और इस त्योहार के लिए अपनी योजनाओं को साझा किया है। जानें कैसे ये कलाकार इस खास दिन को मनाते हैं और परिवार के साथ समय बिताने का महत्व समझाते हैं।
 
गुड़ी पड़वा: टीवी सितारों की यादें और उत्सव की तैयारी

गुड़ी पड़वा का महत्व और उत्सव

मुंबई, 18 मार्च। भारत त्योहारों का देश है, जहाँ हर पर्व नई खुशियों, उम्मीदों और आरंभ का संदेश लेकर आता है। इनमें से एक महत्वपूर्ण त्योहार गुड़ी पड़वा है, जिसे विशेष रूप से महाराष्ट्र में धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है और लोगों के जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता लाता है। इस दिन लोग अपने घरों के बाहर गुड़ी लगाते हैं और पारंपरिक व्यंजन बनाते हैं।

परिवार और दोस्तों के साथ इस दिन का जश्न मनाने का अनुभव अद्वितीय होता है। टीवी इंडस्ट्री के कलाकार भी इस त्योहार को बड़े उत्साह से मनाते हैं और अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हैं।

इस संदर्भ में, एंड टीवी के मशहूर कलाकार अमिताभ घाणेकर और शिल्पा शिंदे ने गुड़ी पड़वा से जुड़ी अपनी यादें और इस साल के उत्सव की योजनाओं को साझा किया है। दोनों ने बताया कि यह त्योहार उनके लिए केवल एक रस्म नहीं, बल्कि परिवार और भावनाओं का प्रतीक है।

शिल्पा शिंदे ने गुड़ी पड़वा को अपने दिल के करीब बताया। उन्होंने कहा, ''यह त्योहार मुझे अपने बचपन और घर की याद दिलाता है। मुझे याद है कि कैसे हमारे मोहल्ले में हर घर के बाहर सुंदर गुड़ी लगाई जाती थी। मेरी मां सुबह जल्दी उठकर खास व्यंजन बनाती थीं, जिनकी खुशबू पूरे घर में फैल जाती थी। इस दिन हम पारंपरिक कपड़े पहनते हैं, रिश्तेदारों से मिलते हैं और नए साल की शुभकामनाएं देते हैं। आज भी मैं इसे सादगी और प्यार के साथ मनाना पसंद करती हूं।''

अमिताभ घाणेकर ने भी अपने बचपन की यादें साझा कीं, जिसमें गुड़ी पड़वा हमेशा परिवार और परंपराओं से जुड़ा रहा है। उन्होंने कहा, ''बचपन में मैं इस त्योहार को बड़े उत्साह से मनाता था। घर के बाहर गुड़ी लगाना मेरे लिए खास पल होता था, जो समृद्धि और अच्छे भविष्य का प्रतीक माना जाता है। मेरी मां इस दिन खास पकवान जैसे पूरन पोली और श्रीखंड बनाती थीं। पूरा परिवार एक साथ बैठकर खाना खाता था और पड़ोसियों के साथ त्योहार की खुशियां बांटता था।''

उन्होंने आगे कहा, ''इस साल भी मैं अपने परिवार के साथ इस दिन को खास बनाने की योजना बना रहा हूं और अपने सह-कलाकारों के साथ भी इस खुशी को साझा करूंगा। ऐसे त्योहार हमें अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और जीवन में संतुलन बनाए रखने का अवसर देते हैं।''


OTT