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क्या 80-90 के दशक की तुलना में आज के शहर ज्यादा सुरक्षित हैं? शालीन भनोट का खुलासा

अभिनेता शालीन भनोट अपनी नई वेब सीरीज 'इंस्पेक्टर अविनाश' के माध्यम से 80-90 के दशक की पुलिसिंग की सच्चाई को उजागर कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आज के शहर पहले से ज्यादा सुरक्षित हैं और महिलाओं की सुरक्षा में भी सुधार हुआ है। शालीन ने उस समय की चुनौतियों और पुलिस बल की मेहनत के बारे में खुलकर बात की। जानें इस दिलचस्प बातचीत में और क्या-क्या कहा उन्होंने।
 
क्या 80-90 के दशक की तुलना में आज के शहर ज्यादा सुरक्षित हैं? शालीन भनोट का खुलासा

शालीन भनोट की नई वेब सीरीज 'इंस्पेक्टर अविनाश'




मुंबई, 14 मई। अभिनेता शालीन भनोट वर्तमान में अपनी वेब सीरीज 'इंस्पेक्टर अविनाश' के लिए चर्चा का विषय बने हुए हैं। यह सीरीज 1980 और 1990 के दशक के उत्तर प्रदेश की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिसमें अपराध, गैंगवार और पुलिस की चुनौतियों को दर्शाया गया है। शालीन ने इस दौर में कानून व्यवस्था के बारे में अपने विचार साझा करते हुए कहा कि आज कई शहरों में स्थिति काफी बेहतर हो गई है और लोग पहले से अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।


शालीन ने कहा, ''अगर कोई 80 और 90 के दशक में होने वाले अपराधों पर ध्यान दे, तो वह समझ सकता है कि उस समय पुलिस बल को कितनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उस समय अपराध अधिक खुले तौर पर होते थे और अपराधियों में कानून का डर कम था। आज के समय में कई शहरों में सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत हो गई है।''


महिलाओं की सुरक्षा पर बात करते हुए शालीन ने कहा कि अब महिलाएं अधिक आत्मविश्वास के साथ बाहर निकलती हैं। समाज में बदलाव आया है और कई स्थानों पर अपराध की घटनाओं में कमी आई है।


शालीन ने अपनी सीरीज 'इंस्पेक्टर अविनाश' के बारे में बताया, ''यह केवल एक मनोरंजन करने वाली कहानी नहीं है, बल्कि यह उस समय की पुलिसिंग की वास्तविकता को भी उजागर करती है। आज के दर्शक जब पुराने समय को देखते हैं, तो उन्हें लगता है कि उस समय पुलिस का काम आसान था। लेकिन असलियत इससे बिल्कुल अलग है। उस समय अपराध अधिक खतरनाक थे और हालात अव्यवस्थित थे। पुलिस के पास आज जैसी तकनीक और संसाधन नहीं थे, फिर भी उन्हें कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए संघर्ष करना पड़ता था।''


अभिनेता ने आगे कहा, ''यह सीरीज दर्शकों को उस समय की असली तस्वीर दिखाने का प्रयास करती है। आज जिस सुरक्षित माहौल में लोग रह रहे हैं, उसके पीछे पुलिस और सुरक्षा बलों की वर्षों की मेहनत और संघर्ष छिपा हुआ है। उस दौर में पुलिस अधिकारियों को हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर काम करना पड़ता था। अपराधियों के गिरोह सक्रिय रहते थे और कई बार पुलिस और अपराधियों के बीच सीधा टकराव होता था। ऐसे माहौल में कानून व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती थी।''


गौरतलब है कि 'इंस्पेक्टर अविनाश' में शालीन भनोट बलजीत नाम के पंजाबी सिख का किरदार निभा रहे हैं।


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