क्या है 'सोनू के टीटू की स्वीटी' की खासियत? 8 साल बाद भी क्यों है ये फिल्म युवाओं की पसंद!
फिल्म 'सोनू के टीटू की स्वीटी' का 8 साल का सफर
मुंबई, 23 फरवरी। फिल्म 'सोनू के टीटू की स्वीटी' आज अपने रिलीज के 8 साल पूरे कर चुकी है। यह फिल्म दोस्ती, प्यार और रिश्तों की जटिलताओं को हल्के-फुल्के अंदाज में पेश करती है। जब 2018 में यह फिल्म सिनेमाघरों में आई थी, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह युवाओं के बीच इतनी लोकप्रिय हो जाएगी। आज भी यह फिल्म दर्शकों के दिलों में बसी हुई है।
कहानी दो करीबी दोस्तों सोनू और टीटू के इर्द-गिर्द घूमती है। टीटू (सनी सिंह) एक सरल और भावुक युवक है, जो बार-बार प्यार में पड़ता है और हर बार गलत निर्णयों के कारण दिल टूटने का अनुभव करता है। हर बार उसके साथ उसका बचपन का दोस्त सोनू (कार्तिक आर्यन) खड़ा होता है।
सोनू न केवल टीटू का मित्र है, बल्कि उसका मार्गदर्शक भी है, जो उसे गलत रिश्तों से बचाने की कोशिश करता है। टीटू के परिवार के साथ सोनू का रिश्ता भी बहुत खास है, क्योंकि टीटू की मां के निधन के बाद, उसके परिवार ने उसे अपने बेटे की तरह पाला।
कहानी में नया मोड़ तब आता है जब टीटू शादी करने का निर्णय लेता है। अरेंज मैरिज के जरिए उसकी जिंदगी में स्वीटी (नुसरत भरूचा) की एंट्री होती है, जो पहली नजर में ही टीटू और उसके परिवार का दिल जीत लेती है। वह एक आदर्श बहू और समझदार बेटी के रूप में नजर आती है। लेकिन सोनू को हमेशा से स्वीटी पर संदेह होता है। उसे लगता है कि कोई इंसान इतना परफेक्ट कैसे हो सकता है। यहीं से दोस्ती और प्यार के बीच टकराव शुरू होता है, जो फिल्म की कहानी को आगे बढ़ाता है।
इस फिल्म का निर्देशन लव रंजन ने किया है। कार्तिक आर्यन, सनी सिंह और नुसरत भरूचा की तिकड़ी ने कहानी में जान डाल दी है। इसके अलावा आलोक नाथ, वीरेंद्र सक्सेना और दीपिका अमीन जैसे कई कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं।
फिल्म का संगीत इसकी सफलता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। 'दिल चोरी,' 'स्वीटी स्लोली,' 'लक मेरा हिट,' और 'तेरा यार हूं मैं' जैसे गाने रिलीज के समय चार्टबस्टर बने और आज भी लोगों की जुबां पर हैं।
आज, आठ साल बाद भी 'सोनू के टीटू की स्वीटी' दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाए हुए है।
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