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क्या है सेजल पवार का विवाद? जानें केईएम अस्पताल की छात्रा के बयान की पूरी कहानी

कॉमेडियन प्रणीत मोरे के शो में एमबीबीएस छात्रा सेजल पवार के विवादास्पद बयान ने केईएम अस्पताल में हलचल मचा दी है। उनके बयान के बाद अस्पताल प्रशासन ने तुरंत जांच के आदेश दिए और एक विशेष समिति का गठन किया। सेजल ने दान किए गए शवों के अंगों पर मजाक किया, जिससे चिकित्सा पेशे की गरिमा को ठेस पहुंची। जानें इस मामले की पूरी कहानी और अस्पताल की कार्रवाई के बारे में।
 
क्या है सेजल पवार का विवाद? जानें केईएम अस्पताल की छात्रा के बयान की पूरी कहानी

सेजल पवार का बयान बन गया विवाद का कारण


मुंबई, 12 जून। कॉमेडियन प्रणीत मोरे के शो में एक एमबीबीएस थर्ड-ईयर की छात्रा सेजल पवार द्वारा दिए गए बयान ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए केईएम अस्पताल प्रशासन ने तुरंत जांच के आदेश दिए और एक विशेष समिति का गठन किया।


यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब प्रणीत मोरे ने अपने लाइव शो में सेजल पवार से मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई और एनाटॉमी पर चर्चा की। इस बातचीत के दौरान, सेजल ने एक ऐसा बयान दिया, जिसने विवाद को जन्म दिया। उन पर आरोप है कि उन्होंने दान किए गए शवों के अंगों के बारे में मजाक किया।


एक वायरल वीडियो में सेजल पवार को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वे और उनके कुछ साथी मेडिकल रिसर्च और डिसेक्शन के लिए दान किए गए शवों के प्राइवेट पार्ट्स का मजाक उड़ाते थे।


वीडियो के वायरल होते ही केईएम अस्पताल प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। अस्पताल के डीन, हरीश पाठक ने कहा कि सेजल पवार के बयान के विवाद पर उचित कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक दो सदस्यीय विशेष समिति बनाई गई है, जिसमें अंडरग्रेजुएट हॉस्टल की वार्डन और बायोकेमिस्ट्री विभाग की एचओडी डॉ. अनीता चालक और मेडिसिन विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. श्रद्धा मोरे शामिल हैं। यह समिति वीडियो की समीक्षा करेगी।


उन्होंने यह भी कहा, 'मेडिकल प्रोफेशन में शवों के प्रति हमेशा सम्मान का भाव होना चाहिए और छात्रों को इसकी शपथ दिलाई जाती है। ऐसे में इस तरह की टिप्पणी चिकित्सा पेशे की गरिमा को ठेस पहुंचाती है।'


हालांकि, सेजल पवार को फिलहाल अस्पताल से निलंबित नहीं किया गया है, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि छात्रा के खिलाफ किसी भी अनुशासनात्मक कार्रवाई से पहले जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जाएगा, ताकि पूरे मामले की सही तस्वीर सामने आ सके।


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