क्या है शेखर कपूर का आईएफएफआई में एआई के उपयोग पर खास बयान?
शेखर कपूर का आईएफएफआई में एआई का जिक्र
मुंबई, 28 नवंबर। गोवा में आयोजित 56वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (आईएफएफआई) में प्रसिद्ध निर्देशक शेखर कपूर ने भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने फेस्टिवल की विशेषताओं और एआई के उपयोग पर अपने विचार साझा किए।
शेखर कपूर ने बताया कि यह फिल्म फेस्टिवल दुनिया का पहला ऐसा आयोजन है, जिसमें एआई का व्यापक उपयोग किया गया है। उन्होंने कहा कि इस बार का फेस्टिवल बहुत सफल रहा, जिसमें गोवा के लोगों का प्यार देखने को मिला। खास बात यह है कि एआई का उपयोग इस बार खुलकर किया गया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा, "जैसा कि हमारे पीएम मोदी ने कहा था, टेक्नोलॉजी और कंटेंट पर ध्यान दें और इन्हें एक साथ लेकर चलें।"
निर्देशक ने यह भी कहा कि यदि गोवा फिल्म फेस्टिवल इसी तरह से काम करता रहा, तो एक दिन यह कान्स फिल्म फेस्टिवल को भी पीछे छोड़ सकता है और आईएफएफआई भविष्य में सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण फिल्म फेस्टिवल बन सकता है।
शेखर कपूर ने मूक फिल्मों के समय का जिक्र करते हुए कहा कि तब लोग कहते थे कि फिल्मों में आवाज नहीं होती, लेकिन धीरे-धीरे सबने इसे स्वीकार किया। अब एआई के क्षेत्र में भी ऐसा ही कुछ हो रहा है।
उन्होंने भारत में स्क्रीन की कमी पर चिंता जताते हुए कहा कि हमारे पास केवल 7-8 हजार स्क्रीन हैं, जबकि चीन में 19 हजार हैं। ओटीटी प्लेटफॉर्म के आगमन को सकारात्मक मानते हुए उन्होंने कहा कि इससे नए निर्देशक, अभिनेता और लेखक सामने आ रहे हैं।
शेखर कपूर ने कहा, "पहले हम केवल मुंबई के हिल स्टेशनों पर गांव की शूटिंग करते थे, लेकिन अब पंचायत जैसी नई कहानियां सामने आ रही हैं।"
अंत में, उन्होंने बताया कि वे जल्द ही 'मासूम-2' लेकर आ रहे हैं और दिसंबर-जनवरी में फिल्म की शूटिंग शुरू होगी।
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