Movie prime

क्या है रानी मुखर्जी की फिल्म 'मर्दानी 3' का संदेश? जानें उनके अनुभव

रानी मुखर्जी की नई फिल्म 'मर्दानी 3' का विमोचन हो गया है, जो महिला सशक्तिकरण के मुद्दे को उठाती है। इस फिल्म में रानी एक बार फिर शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार में नजर आ रही हैं। उन्होंने दिल्ली पुलिस की महिला अधिकारियों के साथ अपने अनुभव साझा किए, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे महिलाएं हर दिन अपराध और चुनौतियों का सामना करती हैं। रानी ने समाज में सुधार के लिए उठाए गए कदमों पर भी प्रकाश डाला। जानें इस फिल्म का गहरा संदेश और रानी के विचार।
 
क्या है रानी मुखर्जी की फिल्म 'मर्दानी 3' का संदेश? जानें उनके अनुभव

रानी मुखर्जी की 'मर्दानी 3' का विमोचन


मुंबई, 30 जनवरी। रानी मुखर्जी की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'मर्दानी 3' आज रिलीज हो गई है। इस फिल्म का दर्शकों को लंबे समय से इंतजार था। यह फिल्म महिलाओं के सशक्तिकरण को एक नई दृष्टि से प्रस्तुत करती है और यह सोचने पर मजबूर करती है कि कैसे एक महिला पुलिस अधिकारी हर दिन अपराध, भय और दबाव का सामना करती है। रानी मुखर्जी एक बार फिर शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार में नजर आ रही हैं। इस फिल्म के प्रमोशन के दौरान, उन्होंने दिल्ली पुलिस की महिला अधिकारियों के साथ एक सत्र में अपने अनुभव साझा किए।


रानी मुखर्जी ने कहा, ''तीसरी बार पुलिस की वर्दी पहनना मेरे लिए गर्व की बात है। महिला पुलिस अधिकारियों का जीवन बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। उनके पास अपने संघर्ष और कहानियां होती हैं, और उन्हें रोजाना कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। फिर भी, वे जिस तरह से अपराध के मामलों को सुलझाती हैं, वह अद्वितीय है।''


उन्होंने आगे कहा, ''शिवानी शिवाजी रॉय के माध्यम से मैं यह दिखाना चाहती हूं कि भारतीय महिला अधिकारी किस प्रकार अपने कर्तव्यों का पालन करती हैं और समाज की सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत रहती हैं।''


एक महिला पुलिसकर्मी ने रानी से पूछा कि क्या उन्हें गुस्सा या निराशा होती है कि 2026 में भी समाज को महिलाओं और बच्चों के मुद्दों पर जागरूक करने की आवश्यकता है।


इस पर रानी ने उत्तर दिया, "गुस्सा या निराशा से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि हम यह देखें कि सुधार के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। आज देश में निर्भया स्क्वॉड, दामिनी स्क्वॉड और कई हेल्पलाइन सेवाएं शुरू की गई हैं, जो महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए सकारात्मक कदम हैं। ये सभी प्रयास यह सुनिश्चित करने के लिए हैं कि हर लड़की और बच्चा जरूरत पड़ने पर सहायता प्राप्त कर सके।"


उन्होंने कहा, ''संघर्ष हर व्यक्ति के जीवन का हिस्सा है और यह समस्या केवल भारत की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा आज हर देश के लिए एक बड़ी चुनौती है।''


रानी ने अंत में कहा, ''हमें इन सकारात्मक पहलों को देखकर एक उज्जवल भविष्य की उम्मीद करनी चाहिए। बदलाव एक दिन में नहीं आता, लेकिन सही दिशा में उठाए गए कदम धीरे-धीरे समाज को सुरक्षित बनाते हैं।''


OTT