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क्या है 'जब जिद पे आ गई पार्वती' का जादू? करिश्मा खेमू ने किया शानदार डांस!

फिल्म 'हनुमान अंश' का चर्चित भक्ति गीत 'जब जिद पे आ गई पार्वती' इन दिनों सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। करिश्मा खेमू ने इस गाने पर एक शानदार डांस परफॉर्मेंस दिया, जिसे उनके फैंस ने खूब सराहा। उन्होंने इस नृत्य को माता रानी के प्रति समर्पित किया है, जिसमें उन्होंने शक्ति और प्रेम का अद्भुत मेल प्रस्तुत किया। जानें इस परफॉर्मेंस के बारे में और कैसे सोहा अली खान ने भी उनकी तारीफ की।
 

करिश्मा खेमू का डांस परफॉर्मेंस

मुंबई, 14 अक्टूबर। फिल्म 'हनुमान अंश' का लोकप्रिय बुंदेलखंडी भक्ति गीत 'जब जिद पे आ गई पार्वती' इन दिनों सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है। हाल ही में, अभिनेता कुणाल खेमू की बहन करिश्मा खेमू ने इस गाने पर एक अद्भुत डांस परफॉर्मेंस पेश किया, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया।


करिश्मा ने अपने इंस्टाग्राम पर इस परफॉर्मेंस का वीडियो साझा किया, जिसमें वह शानदार भाव-भंगिमा के साथ क्लासिकल स्टाइल में नृत्य करती नजर आ रही हैं। उन्होंने बताया कि यह नृत्य उन्होंने माता रानी के लिए तैयार किया है।


करिश्मा का मानना है कि माता रानी में प्रेम और कोमलता के साथ-साथ शक्ति भी होती है। उन्होंने लिखा, "शक्ति कभी खोजने से नहीं मिलती, बल्कि यह आपके भीतर ही होती है। इस नवरात्रि पर मैं मां पार्वती के लिए नृत्य कर रही हूं, क्योंकि जो देवी प्रेम करती हैं, वे लड़ना भी जानती हैं। वह एक साथ कोमल और प्रचंड होती हैं। जय माता दी।"


उनका यह परफॉर्मेंस सोशल मीडिया पर काफी सराहा जा रहा है। उनकी भाभी और अभिनेत्री सोहा अली खान समेत कई लोगों ने कमेंट्स में करिश्मा के डांस की प्रशंसा की। सोहा ने लिखा, "बहुत शानदार।"


'जब जिद पे आ गई पार्वती' गीत को साधु एस. तिवारी ने गाया और संगीतबद्ध किया है। यह गाना माता पार्वती की दृढ़ता और संकल्प पर आधारित है, जब वे भोलेनाथ (शिव) से विवाह करने पर अड़ जाती हैं। गीत में सप्तऋषि माता पार्वती को समझाते हैं कि शिव एक तपस्वी हैं, जिनके सिर पर गंगा और गले में सांप हैं, वे गृहस्थी के लिए कैसे उपयुक्त हो सकते हैं।


इस लोक-भक्ति गीत में बुंदेली हास्य और गहरी श्रद्धा का अद्भुत मिश्रण देखने को मिलता है। 'हनुमान अंश' महान संत श्री नीम करौली बाबा के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर आधारित है। यह फिल्म एक युवक की भावनात्मक और आध्यात्मिक यात्रा को दर्शाती है, जो अपनी दिवंगत मां की याद में ईश्वर की खोज में निकलता है। फिल्म में बाबा के प्रेम, सादगी, मानवता की सेवा और उनके जीवन से जुड़े चमत्कारों को पर्दे पर प्रस्तुत किया गया है.


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