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क्या सेलिना जेटली के लिए बढ़ी मुश्किलें? पति और ससुर ने भेजे कानूनी नोटिस!

सेलिना जेटली की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं, जब उनके पति पीटर हाग और ससुर ने उन्हें कानूनी नोटिस भेजे हैं। तलाक और बच्चों की कस्टडी के विवाद के बीच, हाग परिवार ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। जानें इस मामले में क्या है नया और परिवार की प्रतिक्रिया क्या है।
 
क्या सेलिना जेटली के लिए बढ़ी मुश्किलें? पति और ससुर ने भेजे कानूनी नोटिस!

सेलिना जेटली की कानूनी लड़ाई


मुंबई, 30 मई। अभिनेत्री सेलिना जेटली के लिए हालात और भी कठिन होते जा रहे हैं। तलाक और बच्चों की कस्टडी के विवाद के बीच, उनके पति पीटर हाग और ससुर डीआई वोल्फगैंग जे. हाग ने उन्हें दो अलग-अलग कानूनी नोटिस भेजे हैं।


मुंबई स्थित विधि फर्म सेमवाल एंड कंपनी ने इस बात की पुष्टि की है कि ये नोटिस सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और अन्य मीडिया माध्यमों में फैली उन बातों के संदर्भ में जारी किए गए हैं, जिन्हें हाग परिवार ने भ्रामक और मानहानिकारक बताया है।


जानकारी के अनुसार, पहला नोटिस पीटर हाग के पिता द्वारा भेजा गया है, जबकि दूसरा नोटिस पीटर ने अपने और अपने तीन नाबालिग बच्चों के हितों की रक्षा के लिए जारी किया है। परिवार का कहना है कि हाल के समय में उनके खिलाफ कई आरोप लगाए गए हैं, जो वास्तविकता से दूर हैं।


नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि पीटर हाग और सेलिना जेटली के बीच वैवाहिक विवाद और बच्चों की कस्टडी से जुड़े मामले वर्तमान में ऑस्ट्रिया की अदालतों में चल रहे हैं। परिवार का आरोप है कि न्यायिक प्रक्रिया जारी रहने के बावजूद, इस मामले से संबंधित कई बयान और सोशल मीडिया पोस्ट सार्वजनिक रूप से साझा किए गए हैं, जिनमें गंभीर आरोप लगाए गए हैं।


हाग परिवार ने कहा है कि उन्होंने लंबे समय तक सार्वजनिक प्रतिक्रिया देने से परहेज किया, क्योंकि वे चाहते थे कि पारिवारिक मुद्दों का समाधान कानूनी तरीके से हो। लेकिन अब लगातार लग रहे आरोपों के कारण उन्हें कानूनी कदम उठाना आवश्यक हो गया।


नोटिस में उन आरोपों का खंडन किया गया है, जिनमें पीटर हाग को हिंसक और अपमानजनक बताया गया है। इसके अलावा, बच्चों को छिपाने और उनके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने के आरोपों को भी परिवार ने निराधार बताया है।


हाग परिवार ने बच्चों की प्राइवेसी और मानसिक स्थिति को लेकर चिंता जताई है। उनका मानना है कि बच्चों से जुड़े मामलों को संवेदनशीलता और गोपनीयता के साथ संभाला जाना चाहिए।


नोटिस में यह भी कहा गया है कि कुछ सामग्री मानहानि और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की श्रेणी में आ सकती है। इसी आधार पर, संबंधित पक्षों से आपत्तिजनक सामग्री हटाने और सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी करने की मांग की गई है।


सेमवाल एंड कंपनी की पार्टनर येशा शाह ने कहा, "महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने कानून महत्वपूर्ण हैं, लेकिन किसी भी शादी से संबंधित विवाद को बिना पुष्टि के आरोपों के जरिए मीडिया ट्रायल में बदलना उचित नहीं है।"


परिवार ने स्पष्ट किया है कि यदि नोटिस में उल्लिखित मांगों का पालन नहीं किया गया, तो वे आपराधिक कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं। उनका प्राथमिक उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखना है।


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