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क्या संजय लीला भंसाली की फिल्म 'लव एंड वॉर' के सेट पर हुई दुर्घटना से फिल्म इंडस्ट्री में सुरक्षा नियमों में बदलाव आएगा?

संजय लीला भंसाली की फिल्म 'लव एंड वॉर' के सेट पर एक टेक्नीशियन की मौत ने फिल्म उद्योग में सुरक्षा नियमों को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। एफडब्ल्यूआईसीई ने मुआवजे की राशि बढ़ाने और सुरक्षा नियमों को सख्त करने की मांग की है। क्या इस घटना के बाद फिल्म इंडस्ट्री में कोई बदलाव आएगा? जानें पूरी कहानी में।
 

फिल्म 'लव एंड वॉर' के सेट पर हादसा: सुरक्षा नियमों की मांग




मुंबई, 28 जून। संजय लीला भंसाली की फिल्म 'लव एंड वॉर' के सेट पर हाल ही में हुई एक दुखद घटना ने फिल्म उद्योग में सुरक्षा के मुद्दे को फिर से उजागर कर दिया है। शूटिंग के दौरान करंट लगने से एक टेक्नीशियन की जान चली गई, जिससे पूरे फिल्म समुदाय में चिंता का माहौल है। अब, फिल्म वर्कर्स की प्रमुख संस्था, फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (एफडब्ल्यूआईसीई), इस मामले में सक्रिय रूप से शामिल हो गई है।


संस्था के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने इस घटना पर चर्चा करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि फिल्म उद्योग में काम के घंटों और सुरक्षा नियमों को लेकर सख्त कदम उठाए जाएं।


उन्होंने बताया कि भंसाली ने मृतक टेक्नीशियन चंद्रधारी सिंह यादव के परिवार को 40 लाख रुपये की सहायता दी है, लेकिन यह राशि परिवार की सभी आवश्यकताओं के लिए अपर्याप्त है। चंद्रधारी, जो 42 वर्ष के थे, अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं, जिनकी शिक्षा और भविष्य की जिम्मेदारी अब परिवार पर है। इसलिए, एफडब्ल्यूआईसीई ने भंसाली से मुआवजे की राशि बढ़ाकर 50 लाख रुपये करने और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने की अपील की है।


तिवारी ने यह भी कहा कि भंसाली की ओर से अभी तक इस मांग का कोई उत्तर नहीं आया है। यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो यशराज प्रोडक्शंस पीड़ित परिवार की सहायता के लिए आगे आने को तैयार है। चंद्रधारी पहले यशराज प्रोडक्शंस के साथ काम कर चुके थे, इसलिए वहां से भी सहायता की पेशकश की गई है।


बीएन तिवारी ने फिल्म उद्योग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी एक निर्माता के खिलाफ नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम में सुधार के लिए है। कई फिल्म सेटों पर कर्मचारियों से निर्धारित समय से अधिक काम लिया जाता है। नियमों के अनुसार, आठ घंटे की ड्यूटी के बाद चार घंटे अतिरिक्त काम कराया जा सकता है, लेकिन वास्तविकता में कई जगह कर्मचारी 16-16 घंटे तक काम करते हैं।


एफडब्ल्यूआईसीई ने प्रोड्यूसर्स की संस्था के साथ बैठक की है, जिसमें फिल्म सेटों पर स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए सख्त दिशा-निर्देश लागू करने की मांग की गई है। हमारा उद्देश्य शूटिंग को रोकना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर काम करने के लिए मजबूर न हो।


17 जून को मुंबई के रॉयल पंप स्टूडियो में 'लव एंड वॉर' की शूटिंग के दौरान यह हादसा हुआ। इस घटना के बाद ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (एआईसीडब्ल्यूए) ने भंसाली और उनके प्रोडक्शन हाउस के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, एक करोड़ रुपये मुआवजा देने, मृतक की पत्नी को नौकरी देने और फिल्म सेटों का सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की है।


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