क्या शहजाद पूनावाला के बयान से स्वरा भास्कर की मुश्किलें बढ़ेंगी? जानें पूरी कहानी!
शहजाद पूनावाला का नया सफर और विवादित बयान
नई दिल्ली, 18 सितंबर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व प्रवक्ता शहजाद पूनावाला इन दिनों एक नए रियलिटी शो को लेकर सुर्खियों में हैं। अगस्त 2026 में भाजपा से इस्तीफा देने के बाद, वह अब प्राइम वीडियो के रियलिटी शो 'राइज एंड फॉल' में शामिल होने जा रहे हैं। इस बीच, उन्होंने एक इंटरव्यू में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी राय साझा की।
शहजाद ने अभिनेत्री स्वरा भास्कर के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया दी और अयोध्या राम जन्मभूमि मामले में उनके दृष्टिकोण पर सवाल उठाए। इसके साथ ही, उन्होंने मॉडल रिया अहीर के साथ सोशल मीडिया पर हुई बहस और दिशा सालियान मामले की जांच पर भी चर्चा की।
उन्होंने कहा, ''मैं स्वरा भास्कर से यही कहना चाहूंगा कि उन्हें अपनी बातें बंद करनी चाहिए। हिंदू विरोध और देश विरोध से जुड़ी टिप्पणियों को छोड़ दें। राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ चुका है, क्या स्वरा और राहुल गांधी को लगता है कि यह फैसला गलत था? लंबे समय से चल रहे राम जन्मभूमि आंदोलन के बाद अदालत के फैसले पर इस तरह की प्रतिक्रिया देना हिंदू समाज के धैर्य को नजरअंदाज करना है।''
शहजाद का यह बयान स्वरा भास्कर के उस इंटरव्यू के बाद आया है, जिसमें उन्होंने 2019 के अयोध्या फैसले को लेकर अपनी निराशा व्यक्त की थी। स्वरा ने एक पॉडकास्ट में कहा था कि फैसले के बाद उन्होंने अपने कई मुस्लिम दोस्तों को संदेश भेजा था, जिसमें शाहरुख खान, आमिर खान और सलमान खान का भी जिक्र था। उन्होंने कहा कि उन्हें इस फैसले पर अफसोस और शर्मिंदगी महसूस हुई।
इसके अलावा, शहजाद ने रिया अहीर के साथ अपनी पुरानी बहस का भी उल्लेख किया। उन्होंने बिना नाम लिए कहा, ''कुछ लोग विरोध-प्रदर्शन में फोटो खिंचवाकर राजनीतिक समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें यह समझना चाहिए कि राहुल गांधी चुनाव नहीं जीत सकते।''
यह विवाद तब शुरू हुआ था जब रिया अहीर ने शहजाद को 'अंकल' कहकर जवाब दिया था, जिसके बाद शहजाद ने उनकी उम्र और गणित पर तंज कसा। दोनों के बीच बहस में राहुल गांधी, राजनीतिक विचारधारा और बिग बॉस 20 में रिया की एंट्री जैसे मुद्दे भी शामिल हुए थे।
दिशा सालियान मामले पर शहजाद ने कहा, ''यह मामला सुशांत सिंह राजपूत की मौत से भी जुड़ा है और दोनों घटनाओं पर सवाल उठते रहे हैं। उस समय महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की सरकार थी। संभव है कि कुछ नामों के कारण जांच को दबाने की कोशिश की गई हो। दिशा के परिवार को न्याय मिलना चाहिए।''
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