क्या विवान शाह ने अपने करियर में की गलतियाँ? जानें उनकी कहानी
विवान शाह का करियर: संघर्ष और सफलता
मुंबई, 10 जनवरी। विवान शाह, जिन्होंने 2011 में 'सात खून माफ', 'हैप्पी न्यू ईयर', और 'बॉम्बे वेलवेट' जैसी प्रमुख फिल्मों में अभिनय किया, फिल्मी परिवार से होने के बावजूद अपनी मेहनत से पहचान बनाई है।
उनकी पहली फिल्म 'सात खून माफ' के बाद उन्हें लगातार तीन फिल्में मिलीं, और तब से उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। विवान 11 जनवरी को अपना 36वां जन्मदिन मनाने जा रहे हैं।
विवान का जन्म मुंबई में हुआ और वे प्रसिद्ध अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और रत्ना पाठक के बेटे हैं। उन्होंने हमेशा अपने पिता को कला के प्रति समर्पित देखा, जिससे उन्हें भी अभिनय के प्रति गहरी रुचि हुई। हालांकि, एक समय ऐसा आया जब उन्हें अपने माता-पिता की सलाह का पालन न करने का पछतावा हुआ।
विवान ने बताया कि 'सात खून माफ', 'हैप्पी न्यू ईयर', और 'बॉम्बे वेलवेट' जैसी फिल्मों में काम करने के बाद उन्हें स्टारडम का अहसास हुआ। लेकिन कुछ समय बाद, उन्होंने महसूस किया कि वे अपने काम से भटक गए थे।
एक इंटरव्यू में विवान ने कहा कि करियर के शुरुआती दिनों में उन्होंने गलत निर्णय लिए। उन्होंने बताया कि 2010 में जब उन्होंने करियर की शुरुआत की, तब इंडस्ट्री का माहौल अलग था। स्टारडम की चाहत ने उन्हें प्रभावित किया, लेकिन उन्होंने इसके लिए मेहनत नहीं की।
उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने हमेशा सलाह दी थी कि ऐसे लोगों से दूर रहना चाहिए जो केवल स्टारडम की बात करते हैं। अगर उन्हें अभिनय में रुचि है, तो उन्हें सच्चे दिल से काम करना चाहिए।
विवान ने यह भी कहा कि अगर वे स्टार बनना चाहते हैं, तो इसके लिए उन्हें विशेष मेहनत करनी होगी।
विवान शाह अभी भी फिल्मों में सक्रिय हैं और हाल ही में उन्हें फिल्म 'इक्कीस' में कैप्टन विजेंद्र मल्होत्रा के किरदार में देखा गया। इस भूमिका के लिए उन्हें प्रशंसा मिली है, और उनके माता-पिता भी उनकी एक्टिंग से प्रभावित हैं।
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