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क्या रणवीर सिंह ने 'धुरंधर 2' के सेट पर विक्रम भांबरी की जान बचाई? जानें पूरी कहानी!

अभिनेता विक्रम भांबरी ने हाल ही में 'धुरंधर 2' के सेट पर एक दिल छू लेने वाली घटना का खुलासा किया, जिसमें रणवीर सिंह ने उनकी मदद की। एक एक्शन सीन के दौरान विक्रम को चोट लगी, और रणवीर ने न केवल उन्हें सहारा दिया, बल्कि अपनी पत्नी दीपिका पादुकोण के अनुभव का भी जिक्र किया। विक्रम ने अनुभवी कलाकारों के साथ काम करने के अपने अनुभव को साझा किया, जो उन्हें प्रेरित करता है। जानें इस दिलचस्प कहानी के बारे में और कैसे छोटी-छोटी डिटेल्स बड़े बदलाव ला सकती हैं।
 
क्या रणवीर सिंह ने 'धुरंधर 2' के सेट पर विक्रम भांबरी की जान बचाई? जानें पूरी कहानी!

रणवीर सिंह का सहारा: विक्रम भांबरी की दिल छू लेने वाली कहानी




मुंबई, 17 मार्च। अभिनेता विक्रम भांबरी जल्द ही अपनी नई फिल्म 'धुरंधर 2' में नजर आएंगे। एक विशेष बातचीत में, उन्होंने शूटिंग के दौरान एक भावुक घटना का जिक्र किया। विक्रम ने बताया कि एक एक्शन सीन के दौरान उन्हें चोट लगी, और इस मुश्किल समय में रणवीर सिंह ने उनकी मदद की।


विक्रम ने कहा, "जब मैं शूटिंग कर रहा था, तब मेरे पैर में चोट लग गई। मैंने किसी को नहीं बताया और शूटिंग जारी रखी, लेकिन जब मैं गिर गया, तो रणवीर तुरंत मेरी मदद के लिए आए। उन्होंने कहा कि उन्हें पता है कि यह कितना दर्दनाक होता है, क्योंकि उनकी पत्नी को भी ऐसा ही अनुभव हुआ था। उस समय मुझे याद आया कि वह दीपिका पादुकोण के बारे में बात कर रहे थे। इसके बाद, उन्होंने मुझे फर्स्ट एड सेंटर ले जाने का फैसला किया।"


विक्रम ने 'धुरंधर 2' में अनुभवी कलाकारों के साथ काम करने के अनुभव को साझा करते हुए कहा, "यह हमेशा प्रेरणादायक होता है। अनुभवी कलाकारों को परफॉर्म करते देखना किसी मास्टरक्लास में शामिल होने जैसा है। कभी-कभी, हम उनकी सहजता से हैरान रह जाते थे। उनकी उपस्थिति और ऊर्जा अद्वितीय होती है, जो आपको एक बेहतर अभिनेता बनने के लिए प्रेरित करती है।"


उन्होंने कहा कि इन कलाकारों के साथ काम करना उनके लिए खास अनुभव रहा है। उन्होंने ऑन-स्क्रीन दोस्ती को दर्शाने की कोशिश की, क्योंकि असली जुड़ाव कैमरे पर स्पष्ट होता है। विक्रम ने कहा, "मैंने अपने किरदार की गहराई पर ध्यान दिया। मुझे अपने किरदार की बैकस्टोरी पर विचार करने के लिए कहा गया, जैसे कि वह गैंग में क्यों हैं और उनका उद्देश्य क्या है। ये बातें भले ही स्क्रीन पर न दिखें, लेकिन प्रदर्शन को बेहतर बनाती हैं।"


अंत में, विक्रम ने एक सीन में अपने क्रिएटिव आइडिया को अपनाने का जिक्र किया। जहां अन्य लोग सामान्य तरीके से बैठे थे, उन्होंने एक अलग अंदाज में बैठकर थोड़ा इंटरैक्ट किया। सिनेमैटोग्राफर ने इसकी सराहना की और शॉट को उसी हिसाब से फ्रेम किया। ये छोटी-छोटी डिटेल्स बड़े बदलाव ला सकती हैं।


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