Movie prime

क्या बॉलीवुड में हिंदूफोबिया है? एकता कपूर के बयान पर संतों का समर्थन

एकता कपूर के बॉलीवुड में 'हिंदूफोबिया' पर दिए गए बयान पर संतों ने समर्थन जताया है। अयोध्या से लेकर उज्जैन तक के संतों का कहना है कि हिंदी फिल्मों में हिंदू धर्म को नकारात्मक रूप में पेश किया जाता है। महंतों ने इस मुद्दे पर सरकार से कार्रवाई की मांग की है। जानें इस विवाद पर संतों की क्या राय है और एकता कपूर ने इस पर क्या कहा।
 

संतों ने एकता कपूर के बयान का किया समर्थन




अयोध्या, 16 अक्टूबर। प्रोड्यूसर एकता कपूर द्वारा बॉलीवुड में 'हिंदूफोबिया' पर दिए गए बयान पर साधु-संतों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। अयोध्या, उज्जैन और वाराणसी के कई संतों ने उनके विचारों का समर्थन किया है।


संतों का कहना है कि हिंदी सिनेमा में अन्य धर्मों को सकारात्मक रूप में प्रस्तुत किया जाता है, जबकि हिंदू धर्म, मंदिरों और धार्मिक प्रतीकों को नकारात्मक तरीके से दिखाया जाता है। कुछ संतों ने इस मुद्दे पर सरकार से कार्रवाई की मांग की है।


हनुमानगढ़ी के महंत डॉ. देवेशाचार्य जी महाराज ने एकता कपूर के बयान को देश का दुर्भाग्य बताया। उन्होंने कहा, "भारत में सनातन धर्म के अनुयायियों की संख्या बहुत अधिक है, फिर भी फिल्मों में हिंदू देवी-देवताओं को नकारात्मक रूप में दिखाया जाता है।"


महंत ने उदाहरण देते हुए कहा, "कई बार हीरो को गोली लगने के बाद मजार पर जाकर ठीक होते दिखाया जाता है, जबकि चोरी जैसी घटनाओं को मंदिरों से जोड़ा जाता है। मैं एकता कपूर की सराहना करता हूं कि उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी बात रखी। हम उनके साथ हैं।"


अयोध्या के महंत सीताराम दास जी महाराज ने भी एकता कपूर की बात को सही ठहराया। उन्होंने कहा, "फिल्मों में अन्य धर्मों को खूबसूरती से दिखाया जाता है, लेकिन सनातन धर्म को नकारात्मक रूप में पेश किया जाता है।"


महामंडलेश्वर विष्णु दास जी महाराज ने भी एकता कपूर का समर्थन किया। उन्होंने कहा, "फिल्मों में मस्जिदों में चादर चढ़ाने जैसे दृश्य दिखाए जाते हैं, लेकिन हिंदू धर्म को निंदनीय तरीके से पेश किया जाता है।"


उज्जैन के महामंडलेश्वर शैलेशानंद गिरी महाराज ने कहा, "हिंदू धर्म को अक्सर गलत समझा जाता है। सनातन संस्कृति केवल धार्मिक परंपराओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक आध्यात्मिक दर्शन है।"


वाराणसी के जगतगुरु श्री बालक देवाचार्य जी महाराज ने भी बॉलीवुड पर हिंदू और सनातन धर्म को गलत तरीके से दिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी और योगी की सरकारों के दौरान धर्म को पहले से ज्यादा सकारात्मक तरीके से दिखाया जाने लगा है।"


अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि के आचार्य विट्ठल जी महाराज ने कहा, "एकता कपूर ने सही मुद्दा उठाया है। सिनेमा समाज का दर्पण होता है, लेकिन कई फिल्मों में हिंदू धर्म को नकारात्मक रूप में पेश किया जाता है।"


एकता कपूर ने हाल ही में रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट में बॉलीवुड में 'हिंदूफोबिया' का मुद्दा उठाया था। उन्होंने सवाल किया कि फिल्म इंडस्ट्री विदेशी फैंटेसी को आसानी से स्वीकार कर लेती है, लेकिन भारतीय लोककथाओं को नहीं।


उन्होंने बताया कि कैसे लोगों ने उन्हें 'तांत्रिक' का लेबल दे दिया था। एकता ने कहा, "माथे पर टीका लगाना और हाथ में धागा बांधना कैसे सनकी जैसा हो गया? अपनी आस्था को जाहिर करना लोगों के लिए इतनी बड़ी समस्या क्यों बन जाती है, मैं नहीं जानती।"


OTT