क्या दीया मिर्जा का दिवाली वीडियो हिंदुत्व के खिलाफ है? बीएमसी महापौर ने उठाए सवाल
बीएमसी महापौर का दीया मिर्जा पर आरोप
मुंबई, 2 नवंबर। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की महापौर ऋतु तावड़े ने सोमवार को बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा के प्रदूषण-मुक्त दिवाली पर आधारित वीडियो की आलोचना की। उन्होंने कहा कि दीया का विरोध हमेशा हिंदुत्व और उससे जुड़े मुद्दों के खिलाफ रहा है।
महापौर ने यह भी कहा कि हिंदुओं को यह सिखाने की आवश्यकता नहीं है कि दिवाली कैसे मनाई जाए। उन्होंने दीया पर आरोप लगाया कि वह केवल चुनिंदा मुद्दों पर अपने एजेंडे को आगे बढ़ा रही हैं।
पत्रकारों से बातचीत में तावड़े ने कहा, "यदि हम दीया मिर्जा की गतिविधियों पर नजर डालें, तो यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने नर्मदा परियोजना और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का विरोध किया है। इसके अलावा, उन्होंने उन पर्यावरणीय मुद्दों पर भी आपत्ति जताई है, जिन पर हम काम कर रहे हैं। उनका रुख हमेशा हिंदुत्व के खिलाफ रहा है।"
उन्होंने आगे कहा, "हमें दीया मिर्जा से यह सीखने की आवश्यकता नहीं है कि हिंदू कैसे दिवाली मनाते हैं। उनका समग्र दृष्टिकोण अब स्पष्ट हो चुका है। यही कारण है कि हमने उनके वीडियो का विरोध किया है।"
महापौर ने यह भी सवाल उठाया कि प्रदूषण-मुक्त दिवाली के लिए चुनी गई हस्तियों की सूची उन्हें क्यों नहीं दिखाई गई।
उन्होंने कहा, "यह सही है कि माननीय हाईकोर्ट ने निर्देश दिया था कि प्रमुख कलाकारों को पटाखों के बिना दिवाली मनाने का संदेश देना चाहिए। लेकिन जब कलाकारों का चयन किया गया, तो उनकी सूची मुझे नहीं दी गई।"
महापौर ने प्रशासन को याद दिलाया कि अब निर्वाचित पार्षद और महापौर अपने कार्यभार संभाल चुके हैं और उन्हें हर महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी दी जानी चाहिए।
इस बीच, मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम ने दीया मिर्जा के अभियान में शामिल होने पर आपत्ति जताई, जिसके बाद बीएमसी ने उनका वीडियो हटा दिया। इस मुद्दे पर राजनीतिक विवाद भी उत्पन्न हो गया है।
वहीं, दीया मिर्जा ने अपने बयान में कहा कि दिवाली अच्छाई की बुराई पर जीत का पर्व है और इसे जिम्मेदार तरीके से मनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, "दिवाली अंधकार पर प्रकाश, अज्ञानता पर ज्ञान और निराशा पर आशा की जीत का उत्सव है। यह वीडियो जन जागरूकता के लिए बनाया गया था, ताकि लोग त्योहार को स्वस्थ तरीके से मनाने के लिए प्रेरित हों।"
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