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क्या छात्रों के समर्थन में खड़े हुए रहमान? जानें उनके विचार

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के बीच, अभिनेता रहमान ने खुलकर छात्रों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उनकी चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। रहमान ने सरकार से अपील की कि वे छात्रों की बात सुनें और संवेदनशीलता दिखाएं। अभिनेत्री रेवती ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी, जिसमें उन्होंने शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग की। जानें इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
 

छात्रों के समर्थन में रहमान का बयान


मुंबई, 22 जुलाई। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई ने देशभर में चर्चा का विषय बना दिया है। इस मुद्दे पर कई प्रसिद्ध हस्तियों ने अपनी राय व्यक्त की है। फिल्म उद्योग से भी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। इसी संदर्भ में, तमिल और मलयालम सिनेमा के मशहूर अभिनेता रहमान ने छात्रों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि छात्र देश के दुश्मन नहीं हैं, बल्कि भारत का भविष्य हैं और उनकी चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।


रहमान ने अपने इंस्टाग्राम पर लिखा, ''जब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू हुआ, तब मुझे विश्वास था कि सरकार छात्रों की बात सुनेगी और उनकी समस्याओं का समाधान निकालेगी। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, हालात बिगड़ते देखना बहुत दुखद था। छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के वीडियो देखकर मेरा दिल टूट गया।''


उन्होंने सरकार से सवाल किया, ''आखिर ऐसा क्यों? क्या यह वाकई जरूरी था? मैं जानता हूं कि मेरी बातों का गलत अर्थ निकाला जा सकता है, लेकिन इस बार मैं एक चिंतित नागरिक के रूप में अपनी बात रख रहा हूं।''


रहमान ने सरकार से संवेदनशीलता दिखाने की अपील की। उन्होंने कहा, ''कृपया टकराव के बजाय दया और संवेदनशीलता को प्राथमिकता दें। छात्रों की बात सुनें, क्योंकि वे हमारे दुश्मन नहीं हैं, वे हमारे भविष्य हैं। वे मेरे बच्चों जैसे हैं, वे हम सभी के बच्चे हैं।''


अभिनेत्री रेवती आशा ने भी रहमान की पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने टिप्पणी करते हुए लिखा, ''सवाल पूछे जाने चाहिए।''


इसके अलावा, रेवती ने इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा, "छात्रों की मांग केवल यह है कि देश की शिक्षा प्रणाली में सुधार किया जाए, ताकि बच्चों और देश का भविष्य सुरक्षित रह सके। छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि कई युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।"


रेवती ने आगे कहा, ''जिन नेताओं को लोगों ने अपने बच्चों और देश के भविष्य की जिम्मेदारी सौंपी है, वे इस समय चुप हैं। मेरी सरकार से अपील है कि छात्रों की बात सुनी जाए और उनके साथ संवाद किया जाए। मतभेद होना अलग बात है, लेकिन बातचीत का रास्ता हमेशा खुला रहना चाहिए।''


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