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क्या आप जानते हैं महमूद की अनकही कहानी? कॉमेडी के बादशाह का सफर

महमूद, हिंदी सिनेमा के सबसे प्रिय कॉमेडी कलाकारों में से एक, ने अपने करियर की शुरुआत संघर्षों से की। उन्होंने मीना कुमारी के घर टेबल टेनिस सिखाने से लेकर कई सफल फिल्मों में काम किया। जानें उनकी प्रेरणादायक यात्रा और कैसे उन्होंने कॉमेडी की दुनिया में अपनी पहचान बनाई।
 

महमूद: कॉमेडी का जादूगर


मुंबई, 22 जुलाई। हिंदी सिनेमा में जब भी बेहतरीन कॉमेडी कलाकारों का जिक्र होता है, महमूद का नाम सबसे पहले आता है। उनके बोलने का तरीका, चेहरे के भाव और अद्भुत कॉमिक टाइमिंग ने लाखों दर्शकों को हंसाया है। लेकिन, फिल्मों में नाम कमाने से पहले महमूद ने कई छोटे-मोटे काम किए। उनके जीवन में एक ऐसा मोड़ आया जिसने उनकी निजी जिंदगी को भी बदल दिया। बहुत कम लोग जानते हैं कि महमूद ने कभी मशहूर अभिनेत्री मीना कुमारी के घर टेबल टेनिस सिखाने का काम किया था, और यहीं से उनकी जिंदगी का नया अध्याय शुरू हुआ।


महमूद अली का जन्म 29 सितंबर 1932 को मुंबई में हुआ। उनके पिता मुमताज अली उस समय के प्रसिद्ध अभिनेता थे। घर में फिल्मी माहौल होने के कारण महमूद का झुकाव अभिनय की ओर था, लेकिन पिता के कलाकार होने के बावजूद उनके लिए सफलता का रास्ता आसान नहीं था।


महमूद ने बचपन में ही फिल्मों में कदम रखा। उन्होंने 1943 में आई फिल्म 'किस्मत' में बाल कलाकार के रूप में काम किया, जिसमें उन्होंने अभिनेता अशोक कुमार के बचपन का किरदार निभाया। इसके बाद उन्होंने कई छोटी भूमिकाएं की, लेकिन पहचान पाने में समय लगा।


संघर्ष के दिनों में महमूद ने घर चलाने के लिए कई तरह के काम किए। उन्होंने लोकल ट्रेनों में टॉफियां बेचीं, ड्राइवर की नौकरी की और फिल्मों में जूनियर आर्टिस्ट के रूप में भी काम किया। इसी दौरान उन्हें मीना कुमारी के घर टेबल टेनिस सिखाने का अवसर मिला। महमूद उस समय फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे थे। मीना कुमारी के घर आने-जाने के दौरान उनकी मुलाकात उनकी बहन मधु से हुई, और धीरे-धीरे दोनों के बीच रिश्ता मजबूत हुआ। 1953 में महमूद ने मधु से विवाह कर लिया।


हालांकि, शादी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ उनका संघर्ष जारी रहा। वह लगातार छोटे किरदार निभाते रहे और अपनी पहचान बनाने की कोशिश करते रहे।


1950 और 60 के दशक में महमूद ने कई फिल्मों में काम किया और धीरे-धीरे दर्शकों के बीच लोकप्रिय होने लगे। फिल्म 'छोटी बहन' ने उनके करियर को नई दिशा दी। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 'गुमनाम', 'पड़ोसन', 'बॉम्बे टू गोवा', 'भूत बंगला', 'कुंवारा बाप', 'हमजोली' और 'नौकर' जैसी फिल्मों में उनके किरदारों को दर्शकों ने खूब सराहा।


महमूद केवल एक कॉमेडी कलाकार नहीं थे, बल्कि एक प्रतिभाशाली अभिनेता, निर्माता और निर्देशक भी थे। उन्होंने कई फिल्मों का निर्माण और निर्देशन किया और नए कलाकारों को अवसर दिया। उन्होंने फिल्म 'बॉम्बे टू गोवा' में अमिताभ बच्चन को मुख्य भूमिका दी और फिल्म 'छोटे नवाब' के जरिए आरडी बर्मन को भी शुरुआती मौका दिया।


अपने अद्भुत अभिनय के लिए महमूद को कई पुरस्कार मिले, जिसमें फिल्मफेयर अवॉर्ड भी शामिल है। करियर के अंत में स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्होंने फिल्मों में काम कम कर दिया। 2004 में इलाज के लिए अमेरिका गए और 23 जुलाई 2004 को पेंसिल्वेनिया में उनका निधन हो गया।


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