क्या आप जानते हैं अमजद खान की अनकही कहानियाँ? जानें गब्बर सिंह के पीछे की सच्चाई!
अमजद खान: हिंदी सिनेमा के गब्बर सिंह
मुंबई, 26 जुलाई। हिंदी फिल्म उद्योग के मशहूर अभिनेता अमजद खान ने फिल्म 'शोले' में अपने अद्वितीय किरदार से दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बनाई। उनका निधन 27 जुलाई 1992 को महज 51 वर्ष की आयु में दिल का दौरा पड़ने से हुआ।
अमजद खान का जन्म 12 नवंबर 1940 को मध्य प्रदेश के रीवा जिले में हुआ था। उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत बचपन में ही की थी, जब वे केवल 11 वर्ष के थे और फिल्म 'नाजनीन' में नजर आए थे। उनके पिता, जयंत खान, खुद एक प्रसिद्ध अभिनेता थे, जिससे उन्हें अभिनय की कला विरासत में मिली। 17 साल की उम्र में, उन्होंने अपने पिता के साथ फिल्म 'अब दिल्ली दूर नहीं' में काम किया।
अमजद खान ने 1973 में फिल्म 'हिंदुस्तान की कसम' से अपने करियर की शुरुआत की। लेकिन 1975 में फिल्म 'शोले' में गब्बर सिंह की भूमिका ने उन्हें हिंदी सिनेमा में एक अलग पहचान दिलाई। इसके अलावा, उन्होंने थिएटर और फिल्मों में निर्देशन भी किया, जिसमें 1983 में 'चोर पुलिस' और 1985 में 'अमीर आदमी गरीब आदमी' शामिल हैं।
उन्हें 1976 में बीएफजेए अवार्ड्स में 'शोले' के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार मिला। इसके अलावा, उन्होंने 'दादा' और 'याराना' में भी इसी श्रेणी में पुरस्कार जीते। फिल्म 'मां कसम' में उनके कॉमिक रोल के लिए उन्हें बेस्ट परफॉर्मेंस का पुरस्कार भी मिला।
अमजद खान को साहित्य में भी रुचि थी और उन्होंने दर्शनशास्त्र में प्रथम श्रेणी में मास्टर डिग्री प्राप्त की। वे कई भाषाओं में पारंगत थे, जिसमें अंग्रेजी, उर्दू और फारसी शामिल हैं। 1972 में, उन्होंने शेहला खान से विवाह किया और उनके तीन बच्चे हुए। उनके निभाए किरदार आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं।
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