कौन हैं रामलक्ष्मण? जानें इस दिग्गज संगीतकार की अनकही कहानी
दिग्गज संगीतकार रामलक्ष्मण का जीवन
मुंबई, 15 सितंबर। प्रसिद्ध संगीतकार रामलक्ष्मण, जिन्होंने "मैंने प्यार किया," "हम आपके हैं कौन," और "हम साथ साथ हैं" जैसी चर्चित फिल्मों में अपने संगीत का जादू बिखेरा, का जन्म 16 सितंबर 1942 को नागपुर में हुआ था।
रामलक्ष्मण का असली नाम विजय काशीनाथ पाटिल था। उन्होंने हिंदी, भोजपुरी और मराठी सिनेमा में लगभग 150 से अधिक फिल्मों में संगीत दिया। राजश्री प्रोडक्शन की फिल्मों में उन्हें विशेष पहचान मिली। दादा कोंडके ने उन्हें मराठी फिल्मों में काम करने का अवसर प्रदान किया, जिसके बाद उन्होंने कई हिंदी फिल्मों में भी संगीत दिया।
रामलक्ष्मण नाम एक संगीतकार जोड़ी का प्रतीक है, जिसने 80-90 के दशक में रोमांटिक और पारिवारिक फिल्मों में अद्भुत संगीत दिया। इस जोड़ी में मुख्य रूप से लक्ष्मण, यानी विजय पाटिल की मेहनत और प्रतिभा का योगदान था। उनकी धुनें आज भी लोगों के दिलों में बसी हुई हैं। इस जोड़ी के राम सुरेंद्र थे। विजय ने बचपन से ही संगीत में रुचि दिखाई और पारंपरिक प्रशिक्षण के साथ पियानो, अकॉर्डियन और ड्रम्स जैसे वाद्यों में महारत हासिल की।
1977 में उन्होंने हिंदी सिनेमा में ‘एजेंट विनोद’ फिल्म से कदम रखा। हालांकि, सुरेंद्र की अचानक मृत्यु के बाद विजय पाटिल ने ‘लक्ष्मण’ नाम से आगे बढ़ते हुए रामलक्ष्मण ब्रांड को जीवित रखा। 1989 में सूरज बड़जात्या की फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ ने उन्हें रातोंरात प्रसिद्धि दिलाई।
सलमान खान और भाग्यश्री की इस फिल्म के गाने युवा दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हो गए। "दिल दीवाना," “कबूतर जा जा जा," “आजा शाम होने आई," “मैंने प्यार किया," और “मेरे सवालों का” जैसे गाने आज भी शादियों और पार्टियों में गूंजते हैं। इस फिल्म के सभी 11 गाने हिट रहे।
1994 में ‘हम आपके हैं कौन...!' फिल्म आई, जिसमें “दीदी तेरा देवर दीवाना," “मई नी मई," “जूते दो पैसा लो," “हम आपके हैं कौन," और “वाह वाह राम जी” जैसे गाने पूरे देश में छा गए। इसके बाद 1999 में ‘हम साथ-साथ हैं’ ने भी उनकी साझेदारी को और मजबूत किया।
रामलक्ष्मण ने लता मंगेशकर, आशा भोसले, किशोर कुमार, उदित नारायण, अलका याग्निक और कुमार सानू जैसे दिग्गज गायकों के साथ काम किया। ‘100 डेज’, ‘पत्थर के फूल’, ‘पुलिस पब्लिक', और ‘मुस्कुराहट’ जैसी फिल्मों में उनके संगीत ने चार चांद लगा दिए।
विजय पाटिल कम चर्चा में रहना पसंद करते थे और संगीत को अपनी पहचान मानते थे। 22 मई 2021 को 79 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया, जिससे पूरे संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
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