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कपूर खानदान का अनोखा सितारा: कमल कपूर, जो खलनायक बनकर चमके

कमल कपूर, कपूर खानदान का एक अनोखा सितारा, जिन्होंने खलनायक की भूमिकाओं में अपनी पहचान बनाई। 600 से अधिक फिल्मों में काम करने वाले कमल कपूर का जन्म 1920 में हुआ था। उन्होंने अपने करियर में कई प्रसिद्ध फिल्मों में अभिनय किया और आज भी उनकी अदाकारी लोगों के दिलों में जीवित है। जानें उनके जीवन, परिवार और करियर के बारे में इस लेख में।
 

कपूर परिवार का अद्वितीय सदस्य


मुंबई, 1 अगस्त। जब भी बॉलीवुड के प्रभावशाली परिवारों की चर्चा होती है, कपूर खानदान का नाम सबसे पहले आता है। इस परिवार ने हिंदी सिनेमा को पृथ्वीराज कपूर, शशि कपूर, ऋषि कपूर और रणबीर कपूर जैसे कई सितारे दिए हैं, जिन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी छाप छोड़ी है।


हालांकि, कपूर परिवार में एक ऐसा अभिनेता भी है, जिसने नायक की भूमिका में नहीं, बल्कि खलनायक के रूप में पहचान बनाई। उनका नाम कमल कपूर है, जो एक जाने-माने भारतीय अभिनेता और निर्माता थे।


कमल कपूर, प्रसिद्ध अभिनेता पृथ्वीराज कपूर के चचेरे भाई थे। उनका जन्म 22 फरवरी 1920 को पेशावर (अब पाकिस्तान) में हुआ। उन्होंने अपनी शिक्षा लाहौर के डीएवी कॉलेज से प्राप्त की। पढ़ाई के बाद, कमल कपूर ने 1946 में फिल्म 'दूर चले' से अपने करियर की शुरुआत की। हालांकि, शुरुआती दिनों में उन्हें नायक के रूप में ज्यादा सफलता नहीं मिली।


इसके बाद, उन्होंने नकारात्मक भूमिकाओं की ओर रुख किया, जिसे दर्शकों ने बहुत सराहा। कमल कपूर ने अपने पांच दशकों के करियर में लगभग 600 फिल्मों में अभिनय किया। उन्होंने हिंदी, पंजाबी और गुजराती सिनेमा में भी काम किया।


उनकी कुछ प्रमुख फिल्मों में 'डॉन', 'नारंग', 'मर्द', 'आग', 'दीवाना', 'कालीचरण', 'खेल खेल में' और 'नमक हलाल' शामिल हैं। इसके अलावा, वह 'पाकीजा', 'दीवार', 'सीती और गीता', और 'जब तक फूल खिले' जैसी प्रसिद्ध फिल्मों का भी हिस्सा रहे।


कमल कपूर ने 1945 में सुमन देवी कपूर से विवाह किया और उनके पांच बच्चे हुए, जिनमें तीन बेटे और दो बेटियां शामिल हैं। उनकी छोटी बेटी की शादी प्रसिद्ध फिल्म निर्माता रमेश बहल से हुई, और वह निर्देशक-निर्माता गोल्डी बहल की मां हैं।


कमल कपूर का निधन 2 अगस्त 2010 को 90 वर्ष की आयु में मुंबई में हुआ, लेकिन उनकी अदाकारी आज भी लोगों के दिलों में जीवित है। जब भी खलनायक की बात होती है, उनका नाम अवश्य लिया जाता है।


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