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इंडियन आइडल 16 की विजेता ज्योतिर्मयी नायक: गले की समस्या को मात देकर हासिल किया खिताब!

ओडिशा की ज्योतिर्मयी नायक ने इंडियन आइडल 16 का खिताब जीता है, जबकि उन्होंने गले में समस्या का सामना किया। अपने सफर के बारे में बात करते हुए, उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने इस प्रतियोगिता में अपने हुनर को पहचाना और फिनाले में अपनी प्रस्तुति को खास बनाया। ज्योतिर्मयी ने यह भी कहा कि जीतने के बाद असली मेहनत शुरू होती है, और सफलता के साथ जिम्मेदारियां आती हैं। जानें उनके अनुभव और संघर्ष के बारे में।
 

ज्योतिर्मयी नायक का अद्भुत सफर




मुंबई, 27 जुलाई। ओडिशा की ज्योतिर्मयी नायक ने इंडियन आइडल सीजन 16 का खिताब अपने नाम किया है। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि शो के दौरान गले में समस्या होने के कारण उन्हें यह नहीं पता था कि वे इस मुकाम तक पहुंच पाएंगी।


ज्योतिर्मयी ने अपने सफर के उतार-चढ़ाव को याद करते हुए कहा, "मेरे फैंस जानते हैं कि शो के दौरान मुझे गले में गंभीर दिक्कत हुई थी, जिससे मैं गा नहीं पा रही थी। उस कठिन समय से निकलकर फाइनल तक पहुंचना और ट्रॉफी जीतना मेरे लिए एक सपने के सच होने जैसा है। जब मेरे नाम की घोषणा हुई, तो मुझे यकीन नहीं हुआ कि मैंने सच में जीत हासिल की है।"


उन्होंने आगे कहा कि 'इंडियन आइडल' ने उन्हें एक गायिका के रूप में अपने अंदर के हुनर को पहचानने का अवसर दिया।


ज्योतिर्मयी ने कहा, "पहले मैं लता मंगेशकर और आशा भोसले के गाने गाती थी, लेकिन इस प्रतियोगिता में मैंने अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलकर विभिन्न प्रकार के गाने गाए और वॉइस मॉड्यूलेशन करना सीखा। फिनाले में मैंने एक अलग अंदाज में गाना गाया, जिसे दर्शकों ने बहुत सराहा।"


उन्होंने यह भी बताया कि फिनाले में 'गजर ने की आयशारा' गाने पर श्रेया घोषाल ने उनकी तारीफ की थी। उन्होंने कहा कि इस बड़े मंच पर कठिन अंदाज चुनना और अपनी आवाज को उस शैली में ढालना आसान नहीं होता।


जब एक सवाल पूछा गया कि इंडियन आइडल के बाद असली संघर्ष शुरू होता है, तो ज्योतिर्मयी ने कहा, "मैं इस बात से पूरी तरह सहमत नहीं हूं। अभिजीत सावंत जैसे गायकों ने भी इंडियन आइडल जीतने के बाद अच्छा काम किया है। जीतने का मतलब यह नहीं है कि मेहनत खत्म हो जाती है, बल्कि इसके बाद और भी मेहनत करनी पड़ती है। सफलता के साथ बड़ी जिम्मेदारियां आती हैं।"


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