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आशीष विद्यार्थी: भारतीय सिनेमा के विलेन से सोशल मीडिया के स्टार तक का सफर

आशीष विद्यार्थी, जो भारतीय सिनेमा में खलनायक की भूमिकाओं के लिए जाने जाते हैं, अब सोशल मीडिया पर भी छाए हुए हैं। उनके पॉडकास्ट और यूट्यूब चैनल ने उन्हें नई पहचान दी है। जानें उनके जीवन की अनकही कहानियाँ, करियर के उतार-चढ़ाव और हालिया विवाह के बारे में।
 
आशीष विद्यार्थी: भारतीय सिनेमा के विलेन से सोशल मीडिया के स्टार तक का सफर

आशीष विद्यार्थी का अद्भुत सफर


मुंबई, 18 जून। भारतीय सिनेमा में खलनायक की दमदार भूमिकाओं के लिए मशहूर अभिनेता आशीष विद्यार्थी आजकल सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चित हैं। 19 जून 1962 को केरल के थालास्सेरी में जन्मे आशीष अपने पॉडकास्ट 'फिफ्टी प्लस जिंदगी' में अक्सर यह बताते हैं कि उम्र केवल एक संख्या है और यह किसी की रचनात्मकता को नहीं रोक सकती।


आशीष की यह सोच उनके माता-पिता से मिली है। उनके पिता गोविंद विद्यार्थी, जो एक स्वतंत्रता सेनानी और कम्युनिस्ट कार्यकर्ता थे, ने अपने नाम के साथ 'विद्यार्थी' उपनाम जोड़ा। इसके अलावा, उनकी मां रेबा विद्यार्थी एक प्रसिद्ध कथक प्रशिक्षिका थीं। इस सांस्कृतिक पृष्ठभूमि ने आशीष में कला और समाज के प्रति गहरी समझ विकसित की।


आशीष ने हिंदू कॉलेज से इतिहास की पढ़ाई की और फिर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) में दाखिला लिया। इसके बाद, वे मनोज बाजपेयी और एन.के. शर्मा के साथ थिएटर ग्रुप 'एक्ट वन' में शामिल हुए, जहां उनके अभिनय कौशल को नई पहचान मिली।


1994 में गोविंद निहलानी की फिल्म 'द्रोहकाल' ने उनके करियर में एक महत्वपूर्ण मोड़ लाया। इस फिल्म में कमांडर भद्रा की भूमिका के लिए उन्हें 1995 में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। हालांकि, उस समय वे आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे थे। इसके बाद, 'इस रात की सुबह नहीं (1996)' और 'वास्तव (1999)' जैसी फिल्मों में उनकी भूमिकाओं ने उन्हें बॉलीवुड में एक मजबूत खलनायक के रूप में स्थापित किया।


2000 के दशक की शुरुआत में, आशीष ने दक्षिण भारतीय सिनेमा में कदम रखा। तमिल फिल्म 'दिल' (2001) में भ्रष्ट पुलिस अधिकारी और 'घिल्ली' (2004) में सख्त पिता के किरदारों ने उन्हें दक्षिण में भी लोकप्रिय बना दिया। इसके बाद, तेलुगु फिल्म 'अथानोक्काडे' (2005) के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ खलनायक का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला।


कोरोना महामारी के दौरान, उन्होंने नवंबर 2021 में अपना यूट्यूब चैनल 'आशीष विद्यार्थी एक्टर व्लॉग्स' शुरू किया, जहां वे यात्रा, स्थानीय व्यंजनों और जीवन के अनुभवों से जुड़े वीडियो साझा करते हैं। इसके अलावा, उन्होंने 'कहानीबाज' नामक अनौपचारिक स्टोरीटेलिंग शो और 'सीट डाउन वीथ आशीष' के जरिए स्टैंड-अप कॉमेडी में भी कदम रखा।


फिल्म 'किल' (2023) में उन्होंने एक भावुक पिता और विलेन का किरदार निभाया, जबकि 'आवेशम' (2024) में कॉलेज डायरेक्टर के रूप में उनका कैमियो मजेदार था। जून 2025 में, वे करण जौहर के रियलिटी शो 'द ट्रेटर्स इंडिया' में नजर आए, जहां युवा इन्फ्लुएंसर्स के साथ उनके विचारों का टकराव चर्चा का विषय बना।


साल 2022 में अपनी पहली पत्नी राजोशी बरुआ से अलग होने के बाद, आशीष ने 25 मई 2023 को रूपाली बरुआ से विवाह किया, जिसके लिए उन्हें सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा।


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